शिक्षा विभाग में लावारिस हालत में महत्वपूर्ण दस्तावेज
अधूरे भवन में कर दिया स्थानांतरित
बालाघाट(सूर्यांश टाइम्स)। अधूरा भवन और लावारिस पड़े शासकीय दस्तावेज। भवनों में कही पड़ी है निर्माण सामग्री। विडम्बना यह है कि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को ही अपने भवन में बैठने और कार्य करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हे।
दरअसल, कलेक्टे्रट में ही निर्मित दो मंजिला अधूरे भवन में शिक्षा विभाग को पूरा शिफ्ट कर दिया गया है। इस भवन के एक मंजिल को पूरा तो किया गया है, लेकिन वह भी अधूरा है। जबकि दूसरा माला अभी बनकर ही तैयार नही हो पाया है। ऐसे में अधूरे भवनों में रखे शासकीय दस्तावेजों के खराब होने या फिर चोरी होने की संभावना अधिक बनी हुई है। हालांकि, इस मामले में कलेक्टर ने अधूरे भवन को शीघ्र पूरा कराए जाने का आश्वासन दिया है।
शिक्षा विभाग के भवन निर्माण के लिए 80 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई थी। जिसका ठेका करीब 74 लाख रूपए में हुआ था। उक्त निर्माण कार्य 2017 से प्रारंभ हुआ था, जो कि निर्माण एजेंसी द्वारा अब तक पूर्ण नहीं किया गया है। लेकिन शिक्षा विभाग को कलेक्टर द्वारा अधूरे निर्माण होने के बावजूद भी नए भवन में स्थांतरित कर दिया गया है। जिससे यहां पर अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। शिक्षा विभाग के भवन का दूसरे तल का निर्माण कार्य काफी अधूरा है। यहां पर कर्मचारियों की बैठक व्यवस्थाओं में दिक्कत हो रही है। यह विभाग करीब एक दर्जन से अधिक अलग-अलग विभागों में बंटा हुआ है। जिसिमें करीब 30 कर्मचारी पदस्थ है। जिन्हें बैठने के लिए भी पर्याप्त सुविधा नही हो पा रही है।
ये है विभागीय स्थिति
जिला शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा अधिकारी का एक कक्ष है। इसके अलावा सहायक संचालक, परियोजना अधिकारी सहित एडीपीसी, एपीसी, आरएमएसए, स्थापना शाखा 1,2,3 सूचना का अधिकार, अनुकम्पा शिकायत, आवज-जावक, परीक्षा खंड, मान्यता, विधि, विधिक, एमआईएस सहित अन्य विभाग शामिल है। जिसमें शासकीय कार्य के अलावा जिले के स्कूलो का व अन्य कार्य संचालित होते है। इस विभाग के कर्मचारियों के अलावा अन्य कर्मचारी भी विभिन्न कार्यो के लिए यहां उपस्थित होते है जिनके द्वारा शिक्षा विभाग के अलावा अन्य शासकीय गतिविधियों के लिए कर्मचारियों के कार्य ड्यूटी लगाई जाती है।
शासकीय जानकारी देने में दिक्कत
भवन का अधूरा निर्माण कार्य होने के बाद भी स्थानांतरित होने के चलते विभागीय जानकारी देने में कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा अपने संबंधित उच्च विभागों को इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन जानकारियां देना पड़ता है तथा विभाग द्वारा शिक्षा विभाग में ऑनलाइन जानकारी दी जाती है। लेकिन इंटरनेट सुविधा नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा दूसरे विभाग से अभी इंटरनेट सुविधा ली गई है जो कि अस्थाई रूप से है। जो कभी भी बंद हो जाती है।
15 दिन से बंद है काम
जिला शिक्षा विभाग की भवन निर्माण का काम गत 15 दिनों से बंद पड़ा हुआ है। जिसके चलते यहां के कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि उक्त निर्माण कार्य पीआईयू विभाग के द्वारा कराया जा रहा है। जिसके ठेकेदार को विभागीय कार्य के लिए बोल सकता है। लेकिन विभाग द्वारा ठेकेदार को कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है।
मेरे द्वारा भवन निर्माण कार्य को नहीं देखा गया है। लेकिन अधूरा निर्माण कार्य है, तो उसे शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए जाएंगे। ताकि जल्द कार्य पूर्ण हो सके।
दीपक आर्य, कलेक्टर
शिक्षा विभाग में लावारिस हालत में महत्वपूर्ण दस्तावेज
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नवंबर 22, 2019