मेटल एण्ड मिनरल्स की मैगनीज खदान में किसी भी प्रकार के उत्खनन कार्य करने पर कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने प्रतिबंध लगाया
बालाघाट। कलेक्टर श्री आर्य द्वारा यह कार्यवाही खदान संचालक मैगनीज खदान में स्वीकृत क्षेत्र से बाहर अवैध उत्खनन किये जाने से बन गये गढढों में मलबा डालकर उसको फिलिंग करने के कार्य किये जाने की शिकायत प्राप्त होने पर की गई है।
कलेक्टर श्री आर्य के निर्देश पर खनिज निरीक्षक महेन्द्र मरकाम द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया जिसमें पाया गया की राजस्व रिकार्ड के अनुसार स्वीकृत क्षेत्र 150/1 के बाहर खसरा नम्बर 150/01,150/03 तथा 150/4 में भी अनाधिकृत रूप से अवैध उत्खनन किया गया। इस खदान का राजस्व टीम के साथ पूरी खदान का सीमाकंन कराये जाने के निर्देष दिये गये है। मौका मुआयना के दौरान खदान के कर्मचारियों को हिदायत दी है की खदान में किसी भी तरह की गतिविधि संचालित नही की जानी चाहिये।
यह उल्लेखनीय है की यह खदान क्षेत्र चंदन नदी के भू भाग में स्थित है राजस्व प्रलेखों में भी नदी होने का उल्लेख है इसके बावजूद भी तत्कालीन कलेक्टर द्वारा चंदन नदी के विलुप्त होने का उल्लेख करते हुये मेटल एण्ड मिनरल्स को नदी के भू भाग में मैगनीज उत्खनन किये जाने की अनुमति देने की अनुशंसा की गई जिसके आधार पर खदान की स्वीकृति मिल गई और आवश्यक अनुबंध भी निश्पादित कर दिया गया।
उल्लेखनीय तथ्य यह भी है की माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा नदी के दोनों किनारे से 300मीटर क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट क्षेत्र घोषित किया गया है जिसमें किसी भी प्रकार का उत्खनन अथवा निर्माण पर बंदिश लगाई गई है।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने भी नदी/जलाशय से 35 मीटर की दूरी के क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट घोषित कर प्रतिबंधित क्षेत्र मे किसी प्रकार का निर्माण पर रोक लगाये जाने के आदेश दिये गये है।
यह आश्चर्य का विशय है की न्यायायिक संस्थाओं द्वारा दिये गये निर्देशो को दरकिनार रखते हुये शासन द्वारा नदी के भू भाग पर मैगनीज के उत्खनन की अनुमति कैसे दे दी गई। एक तरफ शासन नदियों और तालाबों को सरक्षण करने के लिये प्रतिबद्ध है तो फिर नदीयों और तालाबों के अस्तित्व के साथ क्यों छेडछाड की जा रही है?
मेटल एण्ड मिनरल्स की मैगनीज खदान में किसी भी प्रकार के उत्खनन कार्य करने पर कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने प्रतिबंध लगाया
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दिसंबर 05, 2019