तीन साल से पेड़ के नीचे लग रही प्राइमरी स्कूल की कक्षाएं

तीन साल से पेड़ के नीचे लग रही प्राइमरी स्कूल की कक्षाएं

बालाघाट। बालाघाट जिले के मलाजखंड से लगे ग्राम छिंदीटोला की शासकीय प्राइमरी स्कूल भवन अत्यधिक जर्जर हालत में पहुंच गया। इसके कारण प्राइमरी स्कूल की क्लास पिछले तीन साल से जामुन के पेड़ के नीचे संचालित की जा रही है। दरअसल, ताम्र परियोजना में ब्लास्टिंग किए जाने से स्कूल भवन में दरारें आने की वजह से भवन जर्जर होने से किसी भी समय धराशायी होने की कगार पर पहुंच गया था। इसीलिए वहा पर क्लास लगाना बंद कर दिया गया। नए भवन के लिए लगातार जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों से मांग की गई। बावजूद इसके भवन के लिए मांगें पूरी नहीं होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रधान पाठक मनीष धुर्वे ने बताया कि ताम्र परियोजना मलाजखंड में रोजाना ब्लास्टिंग किए जाने से वर्ष 2017 में शासकीय प्राइमरी स्कूल छिंदीटोला के भवन में जगह-जगह दरारें आ गई। स्कूल के लिए नया भवन बनाने के लिए तीन से चार बार बीआरसी कार्यालय बिरसा में आवेदन दिया गया। लेकिन इन तीन साल के बीच में भवन नहीं मिल पाया है। जिसकी वजह से ताम्र परियोजना के सामुदायिक भवन में बारिश के चार माह पहली से लेकर पांचवीं तक 41 छात्र-छात्राओं की क्लास एक साथ लगाई जाती है। उसके बाद सामुदायिक भवन के बाजू में जामुन के पेड़ के नीचे पट्टी बिछाकर क्लास लगाकर अध्यापन कार्य करवाया जा रहा है। यदि ठंड के दिनों में ज्यादा ठंड लगने पर मजबूरी में सामुदायिक भवन में ही क्लास लगानी पड़ती है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ वे ठीक तरह से पढ़ नहीं पाते है।
स्टाफ के लिए नहीं कमरा : सामुदायिक भवन में महज एक कमरा होने से स्कूल प्रधानपाठक से लेकर शिक्षक को बैठने जगह नहीं है। साथ ही मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए समूह के लोगों के लिए भोजन बनाने अलग से कमरा नहीं होने से भोजन में कुछ गिरने का भय बना रहता है। उसके बाद भी इस ओर किसी जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। जिसके चलते समस्या तीन साल से जस की तस बनी हुई है। भवन नहीं बनने से ग्रामीण समेत स्कूल स्टाफ चितिंत है।


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