अब ड्राइविंग लाइसेंस-आरसी पर्स में रखने की जरूरत नहीं
बालाघाट। केन्द्र सरकार के द्वारा डिजिटल भारत का लक्ष्य पूरा करने के लिए सीडी दर सीडी डिजिटल होते जा रहा है वैसे ही राजस्व विभाग और परिवहन विभााग पूर्णत: डिजिटल रूपों में परिवर्तन किया जा रहा है। नए साल में एक बार फिर कार्ड बदलना होगा। जो चिप वाले स्मार्टकार्ड की जगह यूनिवर्सल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की जरूरत पड़ेगी। जी हॉ मध्यप्रदेश परिवहन विभाग के द्वारा जारी आदेश में अब पूराने कार्डो को बदलने की प्रक्रिया जारी कर दी गयी है जिसमें परिवहन विभाग निजी कंपनी को टेंडर जारी करके यूनिवर्सल ड्राइविंग लाइसेंस बनायेगी। जिससे जिले भर के लाइसेंसधारी प्रभावित होंगे। जिसमें तय सिमा के अंदर से इन्हें कार्ड बदलने की जरूरत पड़ेगी। साथ ही आरसी बूक भी डिजिटल रूप में परिवर्तन किया जा रहा है। जिससे वाहन के लिए लाइसेंस कार्ड और आरसीबुक बिल्कुल एक समान ही होंगे।
रणनीति तक पुराने कार्ड पर राहत
केन्द्रीय परिवहन विभाग के जारी फरमान के बाद मध्यप्रदेश परिवहन विभाग की रणनीति यूनिवर्सल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की जारी है जिससे एक समान लाइसेंस व आरसी बुक होंगी। चूकि वर्तमान में जारी लाइसेंस व पुराने कार्ड एक साथ नहीं बदला जा सकता इसलिये राज्य सरकार के फैसला आने तक पुराने लाइसेंस मान्य किए जाएंगे। ऐसे में यह निर्धारित करना होगा कि नया यूनिवर्सल कार्ड नि:शुल्क बनाया जाएगा या फिर इस पर शुल्क का प्रावधान होगा यह फैसला राज्य सरकार तय करेगी।
2020 में यूनिवर्सल कार्ड
जानकारी अनुसार माना जा रहा है कि परिवहन विभाग के द्वारा नए वर्ष 2020 में पूर्णत: जिले में यूनिवर्सल कार्ड लाइसेंसधारी ही होंगे। जिससे यह होगा कि टोल नाका हो या फिर चालन की कार्यवाही होने पर यूनिवर्सल कार्ड के तहत पर डिजिटल आधार से कार्यवाही होंगी।
डिजिलॉकर से आसान हुआ डाक्यूमेंट रखना
अब आपको अपने वाहन का रजिस्टे्रशन सर्टिफिकेट(आरसी) और अपना ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) लेकर हर जगह घूमने की आवश्यकता नहीं रहेगी बल्कि आप टै्रफिक पुलिस के मांगने पर इसकी डिजिटल इमेज भी पेश कर सकेंगे। बशर्ते कि यह डिजिटल इमेज आपके मोबाइल में सरकार की तरपु से कागजात रखने के लिए शुरू की गई डिजिलॉकर या परिवहन विभाग की एमपरिवहन प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित हो। डिजिल्ॉाकर प्लेटफार्म के जरिए इलेक्ट्रानिक रूप में पेश डीएल और आरसी को मोटर व्हीकल एक्ट-1998 के तहत स्वीकार करने का आदेश ट्रैफिक पुलिस व आरटीओ को देने के लिए कहा गया है। जानकारी अनुसार ई-चालान काटे जाने की स्थिति मे इन कागजातों का जब्तीकरण भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दिखाई देगा।
डिजिलॉकर एप के तहत तो डाक्यूमेंट रखने का प्रावधान है जो पूर्णत: ई प्लेटफार्म पर सुरक्षित है पर यूनिवर्सल कार्ड बनाने के अभी कोई आदेश नहीं मिल पाये है।
अनीमेश गढ़पाल
आरटीओ, बालाघाट