बिना डॉक्टर की पर्ची और रिकॉर्ड के धड़ल्ले से बेच रहे एंटीबायोटिकस

बिना डॉक्टर की पर्ची और रिकॉर्ड के धड़ल्ले से बेच रहे एंटीबायोटिकस


 बालाघाट। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियम का जरा भी पालन होता जिले की मेडिकल स्टोर्स में दिखाई नही दे रहा है। यहां तक की शहर की कुछ दुकानों में ऐसे कोई नियम की जानकारी तक नही है।
 परिणाम स्वरूप मेडिकल दुकान संचालक स्वयं डॉक्टर बनकर लोगों को बिना डॉक्टर की पर्ची और उनका रिकॉर्ड लिए बगैर एंटीबायोटिक्स दवाइयों का धड़ल्ले विक्रय कर रहे है। दुकानदार अभी भी सर्दी, जुकाम और बुखार सहित अन्य गंभीर बीमारियों के मामले में दर्द निवारक के साथ एंटीबायोटिक्स दे रहे है। इस मामले में ड्रग इंस्पकेक्टर, खाद्य एवं औषधि विभाग के अभी तक किसी पर भी कार्यवाही नही की। अफसर केवल कागजी आदेश थमाने तक सीमित है।
 उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में शुद्ध के लिए अशुद्ध सहित मेडिकल दुकानों में नियमों के संचालन से संबंधित जांच व कार्यवाही की जा रही है। लेकिन जिले में इस तरह के निर्देश व आदेशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा है।
ये है नियम
 जानकारी के अनुसार एक मार्च से लागू इस नियमके तहत 40 से ज्यादा मालीक्यूल्स शामिल किए गए हैं। इनके काम्बरनेशन से चार हजार से अधिक टेबलेटट, कैप्सूल सहित टीबी गु्रप, कफ सिरफ, इंजेक्टेबल दवाइयां बनती है। इन दवाओं को बेचते समय मेडिकल स्टोर को डॉक्टर के पर्चे की फोटो कॉपी मरीज का नाम और उम्र का रिकार्ड रखने को कहा गया है। इसका रिकार्ड नही मिलने पर दवा दुकान का लाइसेंस निरस्त हो सकता है। इसके अलावा हालही में मेडिकल दुकानों में स्टॉक रजिस्टर प्रतिबंधित दवाओं की जांच की जा रही है। लेकिन  जिले में इन निर्देशों की औपचारिकता पूरी की जा रही है।
नहीं हो रही जांच
 शहर के बैहर चौकी, कुम्हारी और कुछ ग्रामीण अंचलो की दुकान पर जाकर एंटीबायोटिक दवाई खरीदी ओर इस नियम की जानकारी भी ली। तो सच्चाई सामने आई कि कुछ दुकान संचालकों तक ऐसे कोई नियम की प्रति पहुंची ही नही है। वही लालबर्रा रोड, कुम्हारी की मेडिकल दुकान में बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवा भी विक्रय कर दी गई। मेडिकल दकान संचालक से कार्यवाही के विषय में पूछने पर उन्होंने बताया कि खाद सुरक्षा अधिकारियों का दल कुछ दिनों पूर्व चेकिंग पर आया था जिन्होंने कुछ दुकानों की दवाईयों का सेम्पल ले गए हैं। लेकिन नियम से संबंधित जांच करने कोई नही आया हैं। वहीं अधिकांश दुकानों के संचालक खुद डॉक्टर बन बैठे है।
दबाओं की सूची और निर्देश मेडिकल संचालकों को दिए  गए हैं
 46 दवाईयों की सूची और निर्देश मेडिकल स्टोर्स में उपलब्ध कराए गए हैं। मरीजों का रिेकॉर्ड भी रखना होगा। ऐसा न करने पर कार्यवाही की जाएगी। वर्तमान में हमारी टीम सतत जांच कर रही है। 
शरज जैन, ड्रग इंस्पेक्टर


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