दूध का सेवन भी बन सकता है गंभीर बीमारियों का कारण

दूध का सेवन भी बन सकता है गंभीर बीमारियों का कारण


बालाघाट। मिलावटी खाद्य पदार्थो का विक्रय अपने चरम पर है जो कभी न कभी आये दिन होने वाली बिमारियों का सामना आम जनों को सहना पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत में होने वाली मिलावटी दूध से कैंसर का महा प्रलय आने वाला है। जो यही दूध उत्पादन में भारत को विश्व में प्रथम स्थान पर है। इसका कारण यह है कि दूध का उत्पादन कम और मिलावटी दूध का उत्पादन अधिक हो रहा है। जारी रिपोर्ट  के मुताबिक 2025 में 78 प्रतिशत कैंसर मिलावटी दूध पीने से होने वाली है। अगर  इस पर जल्द रोक नहीं लगाया गया तो गंभीर बीमारियों से गुजरना पड़ सकता है। दूध से आपकों कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है, मतलब ये कि बाजार में मिलने वाले दूध में मिलावट है। वैसे ही बालाघाट जिले में जानलेवा मिलावटी दूध का विक्रय हो रहा है। जानकारी अनुसार जिले मे उत्पादन कम और उपभोक्ता अधिक है, जिससे यह संकेत करता है कि यह दूध को कहा से उत्पादन किया जा रहा है। वो भी मिलावटी दूध में जानलेवा डिटर्जेन्ट पावडर मिलाया जा रहा है। खाद्य विभाग की कार्यवाही तो होती है पर उसकी रिपोर्ट कभी आ भी जाती है तो कभी रिपोर्ट लापता भी हो जाती है।
जिले में घटती खेती का पशुओं पर नकारात्मक प्रभाव है। सामान्य पशुओं के साथ-साथ दूधारू पशुओं की संख्या लगातार कम हुई है। तीन दशक पहले जिले के अधिकांश घरों में भैंस होती थी। औसत गिरावट के चलते खेती घटती चली गई और बरसात पर निर्भर खरीफ  फसल में सूखे जैसे हालात बनने लगे। ऐसी स्थिति निरंतर बनी रहने से पशुचारा बेहद  महंगा मिलने लगा। परिणाम स्वरूप लोगों ने घरों में पशु रखने कम कर दिए। अब किसी किसी घर में ही दुधारू पशु नजर आते है।
मिलावटी दूध की पहचान
जिसमें दूध की पहचान आसानी से किया जा सकता है जिसमें सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघे। अगर साबुन जैसी गंध आ रही है तो इसका मतलब है कि दूध सिंथेटिक है जबकि असली दूध में कुछ खास गंध नही आती। असली दूध का स्वाद हल्का मीठा होता है, जबकि नकली दूध का स्वाद डिटर्जेट और सोडा मिला होने की वजह से कड़वा लगता है। असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नही बदलता, जबकि नकली दूध कुछ वक्त के बाद पीला पडऩे लगता है। दूध में पानी के मिलावट की पहचान के लिए दूध को एक काली सतह पर छोड़े, अगर दूध के पीछे एक सफेद लकीर छूटे तो दूध असली है। अगर दूध को उबाले तो इसका रंग नही बदलता, वही नकली दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है। असली दूध को हाथों के बीच रगडऩे पर कोई चिकनाहट महसूस नही होती वही, नकली दूध को अगर आप अपने हाथो के बीच रगड़ेगे तो आपको डिटर्जेट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।


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