ईवीएम और बैलट से होंगे पंचायत चुनाव

ईवीएम और बैलट से होंगे पंचायत चुनाव

बालाघाट। मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 20 जनवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई इसके  साथ ही ग्रामीण अंचलो मे पंचायत को लेकर हर नुक्कड़ हर चौपाल पर चुनाव को लेकर चर्चाएं शुरू हो गइ्र है। 27 और 30 जनवरी को होने वाले आरक्षण प्रक्रिया से पहले जनता के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों में भी चुनाव को लेकर उठापटक का दौर शुरू हो चुका है। गौरतलब है कि अब ग्राम पंचयतों में चुनावी हलचल अब तेज हो गयी है। बात करे बालाघाट जिले के जहा विगत 2014-2015 के पंचायत चुनाव में कुल पंचायतों की संख्या 690 थी, वही 2019-2020 के पंचायत चुनाव में 32 पंचायत बड़कर 722 पंचायत हो चुकी है। ग्राम पंचायतों की आारक्षण की तिथि जारी होने के बाद अब ग्राम पंचयतों के जनप्रतिनिधिया में 27 जनवरी को होने वाले आरक्षण पर निगाहे टिकी रहेगी। जिसके बारे में ग्राम में अनेको चर्चाए होना जारी हो चुका है। ग्राम के चौक-चौराहो में अब लोग पंचायत चुनाव के प्रथम चरण आरक्षण की बाते करते हुये नजर आने लगे है।
किस चर्चा का है जोर
ग्रामीण जनों में इस बात की दिलचस्पी बनी हुई है कि ग्राम में किस वार्ड में क्या आरक्षण में आएगा। आपको बता दे कि पंचायत स्तर के चुनावों में प्रति पंचवर्षीय चुनावों में सरपंच, पंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य आरक्षण होता है आरक्षण के मुताबिक अब ग्राम में यहा देखा जा रहा है कि उनके पंचायत में क्या आरक्षण आएगा। टिकट कटी तो क्या होगा आरक्षण प्रक्रिया में उनका नंबर नही लगा तो क्या होगा क्या उन्हें अपने स्थान पर परिवार के किसी सदस्य को चुनाव लड़ाना होगा या फिर अपने किसी खास प्रतिनिधि को चुनाव में उतारना होगा।
पंचायत चुनाव में यह बदलाव
उल्लेखनीय है कि विगत 2014-2015 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सरपंच व पंच का चुनाव बैलेस पेपर से हुआ था। वही जिला पंचायत व जनपद सदस्य का चुनाव इवीएम से हुआ था। इस बार पंचायत चुनाव को हाइटेक करते हुए सरपंच जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव ईवीएम से करवाए जाएंगे तो वही पंच का चुनाव पूर्व की तरह बैलेट पेपर पर से ही होगा। तीन ईवीएम मशीन लगाई जाएगी जिस पर क्रमश: सरपंच जनपद सदस्य जिला पंचायत सदस्य के बैलेट पेपर लगे होंगे विधानसभ और लोकसभा चुनाव की तर्ज पर मतदान से एक घंटा पहले मॉक पोल करवाया जाएगा।
ऑनलाईन प्रक्रिया
हालांकि आरक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही आदर्श आचार संहिता लागू की जाने की जानकारी मिल रही है सूचना यह भी है कि प्रत्याशी ऑनलाइन अपने नामांकन जमा कर सकते है। नामांकन फॉर्म जमा करने के लिए प्रत्याशियों को कई तरह फॉर्म जमा करने होंगे जिसमें परिवार में बच्चों की जानकारी लेकर विवाहित होने की स्थिति। संपत्त्ति चल अचल न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण। बैंक खाते वित्तीय संस्थानों में कर्जदार तो नहीं है किसी कंपनी प्रतिनिधि में डिफाल्टर तो नहीं है बीमा पॉलिसी डाकघर की जानकारी के साथ ही यदि आप किसी बैंक से डिफॉल्टर  तो नहीं है। जलकर, विद्युत कर सहित अन्य संस्था में वर्षो से बकायदार हैं तो चुनाव के लिए अपात्र घोषित कर दिए जाएंगे।
राजनीतिक सिंबाल नहीं
आपको बता दें कि पंचायत स्तर के चुनाव राजनीतिक सिम्बल के माध्यम से नहीं लड़े जाते। पूर्व की तरह इस बार भी स्वतंत्र चुनाव चिन्हों के आधार पर यह चुनाव पूर्ण करवा जाएगे। जिसमें जिला पंचायत सदस्य के लिए 39 चुनाव चिन्ह आरक्षित किए गए है। इसी तरह जनपद पंचायत सदस्य के लिए 23 चुनाव चिन्ह सरपंच के लिए 24 चुनाव चिन्ह और  पंच के लिए 10 चुनाव चिन्ह आरक्षित किए गए हैं प्रत्याशियों को इन्ही चुनौतियों में से कोई एक चिन्ह आवंटित किया जाएगा किसी जनपद क्षेत्र पंचायत जिला पंचायत क्षेत्र में प्रत्याशियों की संख्या अधिक होने पर अतिरिक्त चुनाव चिन्ह की व्यवस्था भी रखी गई है।


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