मध्यप्रदेश से माफियाराज समाप्त करने सरकार दृढ़ संकल्पित-जैसवाल
बालाघाट। मध्यप्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एवं माफियाओं के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान को लेकर नगर के विश्रामगृह में मध्यप्रदेश शासन के खनिज मंत्री प्रदीप जैसवाल ने पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा के 15 साल के कुशासन को एक वर्ष में समाप्त नहीं किया जा सकता। इसमें समय लगना स्वाभाविक है। फिर भी कांग्रेस सरकार ने अपनी कथनी और करनी में समानता का परिचय देते हुए जनता से किये गये वादों को निभाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है इसमें अभी और काम करना है।
जैसवाल के अनुसार प्रदेश में 11 तरह के माफिया सक्रिय है जिन्हें सरकार ने चिन्हित किया। इसमें ड्रग माफिया, भू माफिया, अवैध वसूली, फिरोती माफिया, शराब माफिया, मिलावट माफिया, चिटफंड माफिया, अवैध कालोनी माफिया, ब्लैकमेल माफिया, माईनिंग माफिया, ट्रांसपोट माफिया, सहकारी माफिया जिनके खिलाफ सरकार शक्ति के साथ कार्यवाही कर रही है। अब तक प्रदेश में 615 भू माफिया, 694 शराब माफिया, 150 मिलावट माफिया, 65 सहकारी माफिया, 149 वसूली माफिया तथा ट्रांसपोट माफियों के 1053 वाहनों पर कार्यवाही की गई है और यह कार्यवाही लगातार जारी है।
खनिज मंत्री जैसवाल ने आगे कहा कि माईनिंग माफियों के खिलाफ भी ठोस कार्यवाही की गई। जिसके चलते अवैध उत्खनन के 1330 मामले, अवैध परिवहन के 8294, अवैध भंडारन के 531 अर्थात कुल 10155 कार्यवाहियां की गई है। गौण खनिज के मामले में भी 1837 कार्यवाहियां की जा चुकी है। जिससे राज्य सरकार को 30 करोड 76 लाख रूपये राजस्व के रूप में प्राप्त हुए। प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार के 15 वर्षो के कार्यकाल में केवल रेत के अवैध उत्खनन में सरकार के खजाने से लगभग 15000 करोड रूपये की चपत लगाई गई। 2018 तक रेत से जो वार्षिक राजस्व प्राप्त होता था वह लगभग 223 करोड रूपये प्रतिवर्ष था। परन्तु कांग्रेस सरकार ने इस लूट पर रोक लगाने के लिये नई रेत नीति लागू किया जिससे राज्य सरकार को प्रतिवर्ष 1234 करोड रूपये प्राप्त हुए। भाजपा शासन में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त करके रेत माफिया का बोलबाला बढ़ा था।
वहीं दूसरी ओर शराब माफियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए प्रदेश भर में 694 माफियों को पकड़कर उनसे 9 करोड रूपये से अधिक की मदिरा एवं 240 वाहन जप्त किये गये। वहीं मिलावट माफिया के खिलाफ कार्यवाही में खाद्य पदार्थ पान मसाला सहित 11536 नमूने जांच के लिये लिये गये जिसमें 1467 अमानक पाये गये। इसमें 108 के खिलाफ एफआईआर दर्ज तथा 41 खाद्य कारोबारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरूद्ध किया गया। ड्रग माफियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए कुल 4227 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई इनके पास से 12.11 किलोग्राम स्मैक, 172.754 किलोग्राम अफीम एवं 53018 नग अफीम पौधा, 10189.73 किलोग्राम गांजा, एवं 7949 नग गांजा पौधा, 6154 किलोग्राम चरस, 49799 किलोग्राम डोडा चूरा, केमिकल ड्रग में 73123 सिरप शिशियां, 41925 टेबलेट, 196.920 लीटर एसिटिक एंड हाईड्राईड तथा 3.300 किलोग्राम अल्ट्रा झोलम पावडर जप्त किये गये। सहकारी क्षेत्र में 90 सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं के खिलाफ शिकंजा कसते हुए 65 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। महानगर इंदौर में प्रथम चरण में लगभग 600 से 800 के बीच भूखंड गृह निर्माण संस्थाओं में चिन्हित किये गये साथ ही 615 ऐसे भू माफियाओं पर कार्यवाही की गई जो आम लोगों की जमीन पर कब्जा कर अवैध कालोनी काटते थे।
जैसवाल के अनुसार प्रदेश में सभी क्षेत्रों में सक्रिय भूमाफिया राज को समाप्त करने राज्य सरकार ने कमर कस ली है। कोई कितना ही बड़ा माफिया किसी भी राजनेता का खास हो अगर गलत है तो उसको सबक सिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी। प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में कांग्रेस के पिछडने के सवाल पर कहा कि इस कार्यप्रणाली में निश्चित रूप से और अधिक सुधार की जरूरत है ताकि आम जनता तक कमलनाथ सरकार की उपलब्धियां पहुंचे तथा भाजपा जिसने 15 वर्षो के शासन काल में केवल लूटने का काम किया है उसकी हकीकत जनता के सामने आये। प्रदेश में नई रेत नीति लागू होने के पश्चात जनता को चिंता करने की आवश्यकता नहीं। रेत के दामों में वृद्धि उतनी ही की जायेगी जो नियमानुसार निर्धारित की गई है। अगर कोई व्यवसायी इसमें मनमानी करता है और उसकी शिकायत प्राप्त होती है तो उस व्यवसायी के खिलाफ देरी नहीं की जायेगी। सरकार ने पांच वर्षो का जनादेश दिया है। अभी एक वर्ष ही बीता है आने वाले दूसरे वर्षो में सरकार की कार्यप्रणाली में बढिया देखने मिलेगा।