नहीं हो रहे आंखों के ऑपरेशन
बालाघाट। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने करोड़ों रूपए व्यय किया जा रहा है। लोगों को लाभ दिलाने स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जन कल्याणकारी योजना चलाई जा रही है। लेकिन जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों व उपकरणों की कमी से मरीज को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। गौरतलब हो कि जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ की कमी है। जिससे मरीजों को अस्पताल में पर्याप्त उपचार नही मिल पाता है।
जिला अस्पताल सहित तहसील मुख्यालयों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी नेत्र रोग विशेषज्ञ की कमी से ऑखों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है।
करीब एक माह पूर्व ही जिला अस्पताल में एक महिला नेत्र रोग विशेषज्ञ की पदस्थापना की गई है। जिससे आंख से संबंधित मरीजों को राहत मिली है। लेकिन शासकीय अस्पतालों में डॅाक्टर की सुविधा नही हो ने से मरीजो को मजबूरन निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ रहा हे।
उपचार की आस लिए जिला अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों को डॉक्टर की कमी खल रही है। इसके अलावा पर्याप्त उपकरणों की भी सुविधा नहीं है।
जिला अंधत्व निवारण व सामाजिक संस्थाओं द्वारा नेत्र रोग शिविर लगाया जाता है। जिसमें चयनित मरीजों को ऑपरेशन के लिए जबलपुर भेजा जाता है। लेकिन जिला अस्पतालों में नेत्र रोग विशेषज्ञ की कमी से नेत्र रोग से संबंधित मरीजों का ऑपरेशन नही हो पा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ करीब डेढ़ वर्ष से अधिक हो गए। जिला अस्पताल में नही होने से आंखों के मरीजों को काफी समस्या झेलनी पड़ती थी।
अस्पतालों में डॉक्टरो की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉक्टरों की कमी संबंधित जानकारी वरिष्ठ स्तर पर दी गई है।
डॉ. आरसी पनिका,
सीएमएचओ