नियम-कायदे ताक पर, सरकारी जमीन में व्यवसायिक काम्प्लैक्स के लिए दिया पट्टा
लालबर्रा। पटवारी हल्का नम्बर 7.26 राजस्व निरीक्षक मंडल तहसील लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पाढऱवानी के बालाघाट-सिवनी मुख्य मार्ग पर खसरा नम्बर 311,1 रकबा 0,624 हेक्टेयर आबादी गॉवठान में व्यवसायिक काम्प्लैक्स के लिए फर्जी तरीके से 30 जुलाई 2018 को तत्कालीन तहसीलदार द्वारा 10 लोगों को 10 बाई 20, 200 वर्गफीट के पट्टे जारी कर दिए गए है। बता दें कि सरकारी जमीन पर वर्षों से कच्चा या पक्का मकान बनाकर निवासरत परिवार मुखिया के नाम से उक्त मकान का पट्टा दिया जाने का प्रावधान है या ऐसे लोग जो जमीन के अभाव में आवासहीन है उन्हे ग्रामीण आवास मिशन के तहत मकान बनाने के लिए पट्टा प्रदान किया जाता है लेकिन इस मामले में सारे नियम कानून ताक पर रखते हुए व्यवसाय करने के लिए पट्टे जारी कर दिए गए है।
सांठगांठ से जारी हुए पट्टे : आवेदको द्वारा आवास निर्माण के नाम पर जमीन आबंटन किए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर प्रशासन को गुमराह किया गया वही स्थानीय पटवारी ने भी इनका साथ देते हुए अपने जॉच प्रतिवेदन में 200 वर्गफूट जमीन पर मकान बना होना बताया है जो कि पूरी तरीके से गलत है। यहां तक कि जिन व्यक्तियो को व्यवसायिक काम्प्लैक्स के लिए पट्टे जारी किए गए है वे ग्राम पंचायत पाढऱवानी के निवासी नही है। यहां खास बात यह है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों को भी पट्टे जारी कर दिये गए है। एक ओर ग्राम पंचायत पाढऱवानी के ही आवासहीन परिवार जिन्हे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2018 से प्रथम किश्त प्राप्त हो चुकी है वे जमीन के अभाव में अपना मकान वर्तमान समय तक बनवाने में असमर्थ है वही ऐसे भू .माफिया प्रशासनिक अधिकारियो से सांठ.गॉठ कर सरकारी जमीन पर काम्पलेक्स बनाकर व्यवसाय करते हुए उक्त जमीन को हड़प कर रहे है।
सरपंच से नही लिया अभिमत : 30 जुलाई 2018 को तत्कालीन तहसीलदार द्वारा पट्टा जारी करने के पूर्व स्थानीय सरपंच से अभिमत नही लिया गया और केवल हल्का पटवारी शिवलाल अड़में के झूठा पंचनामा और झूठा जांच प्रतिवेदन के आधार पर पट्टे जारी कर दिए है। इस मामले को कलेक्टर द्वारा संज्ञान में लेते हुए करोडो की सरकारी भूमि का बंदरबाट करने में पटवारी
शिवलाल अड़में और तत्कालीन तहसीलदार की संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई करनी चाहिएए ताकि भविष्य में अन्य कर्मचारी और अधिकारियो इस प्रकरण से सबक मिले और वे ऐसे फर्जी काम करने से बच सके।
प्रतिलिपि से जालसाजी हुई उजागर
उक्त मामले से संबंधित दस्तावेजो की प्रतिलिपि का अवलोकन करने पर जालसाजी सामने आ रही है। बता दें कि रेवेन्यू आर्डर शिट पर आवेदको द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने की दिनांक 30 जुलाई 2018 अंकित है जिसके बाद हल्का पटवारी शिवलाल अड़में को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। जिन्होने इस काम में बडी फुर्ती दिखाते हुए केवल एक दिन में ही यानि के दूसरे हि दिन 31 जुलाई को प्रकरण पेश कर दिया जबकि जालसाजी करते हुए तत्कालीन तहसीलदार ने जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के एक दिन पहले ही 30 जुलाई 2018 को पट्टे जारी कर दिये थे।
उक्त सरकारी भूमि पर व्यवसायिक काम्प्लैक्स के निर्माण के लिए पट्टे देने में हमारे द्वारा किसी भी प्रकार का अभिमत नही दिया गया है।
-अनीस खान
सरपंच, पाढरपानी, लालबर्रा।
मामले के संबंध में शिकायत मिलने पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
संदीप सिंह
एसडीए, वारासिवनी।