वारासिवनी नगर पालिका परिषद में खुले आम अवैध निर्माणकर्ता से रकम वसूलकर उन्हें छूट नियम विरूद्ध दे दी गई

वारासिवनी नगर पालिका परिषद में खुले आम अवैध निर्माणकर्ता से रकम वसूलकर उन्हें छूट नियम विरूद्ध दे दी गई


 बालाघाट। बालाघाट अभीतक बालाघाट जिले की वारासिवनी नगर पालिका परिषद द्वारा इन दिनों अवैध निर्माण किये जाने की आड़ में नित नये गुल खिलाये जा रहे है और खुले आम अवैध निर्माणकर्ता से रकम वसूलकर उन्हें मनमानी छूट नियम विरूद्ध दे दी गई है।
वारासिवनी नगर पालिका परिषद में खुले आम अवैध निर्माणकर्ता से रकम वसूलकर उन्हें छूट नियम विरूद्ध दे दी गई
इन्ही विसंगतियों के चलते सीएमओ ने दुकान मरम्मत करने के लिये लीजधारियों से आवेदन पत्र लेकर उन्हें पक्का निर्माण करने की छूट दे दी है। उधर अवैध निर्माणकर्ताओं ने भी पत्रकारों को जानकारी दी है की उनसे 2-2 लाख रूपये लिये गये है और उन्हें पक्का निर्माण कर लेने की मौखिक अनुमति दे दी गई है जिसके आधार पर वे निर्माण कार्य कर रहे है।
इस संबंध में सीएमओ राधेष्याम चैधरी से पत्रकारों द्वारा जब यह पूछा गया की दुकान मरम्मत करने के आवेदन पत्र पर अनुमति देने की आड़ में नियम विरूद्ध पक्का निर्माण करने वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही करने के बजाये निर्माण क्यो जारी रखा जा रहा है। इस पर सीएमओ कुछ जवाब नही दे पाये।
कल परिषद के टेंकर के द्वारा अवैध निर्माण स्थल पर जल प्रदाय किये जाने की घटना एवं लीजधारी को कार्य रोकने की मौखिक हिदायत देने के बावजूद आज भी निरंतर अवैध पक्का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
चूकि1 सप्ताह बाद परिशद का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है प्रशासक की नियुक्ति होना है इस लिये लीजधारी प्रशासक की नियुक्ति के पूर्व निर्माण कार्य पूरा करने में जुट गये है। इस तरह अवैध पक्का निर्माण करने वाले लीजधारियों से 2-2 लाख रूपये लेकर उन्हें खुली छूट दे दी गई है। 
नगर में अब तक 2 माह के अंतराल में लगभग 30 अवैध निर्माण कार्य अब तक किये जा चुके है वहीं परिषद द्वारा 80 लीजधारियों को इस संबंध में नोटिस भेजकर मात्र कागजी कार्यवाही कर ली गई है और प्रशासन जानकर भी अनजान बना बैठा है?


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