भुगतान न होने से कट गया नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन, पानी के लिए परेशान हो रहे ग्रामीण
बालाघाट। प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की क?ी में 25 फरवरी को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। इसमें अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदकों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जनसुनवाई में कुल 64 आवेदन प्राप्त हुए।
दूरदराज से ला रहे पानी: जनसुनवाई में परसवा?ा विकासखंड के ग्राम दीनाटोला के ग्रामीण बिजली कनेक्शन कटने से बंद हुई नंल.जल योजना को चालू कराने की मांग लेकर आए थे। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव की नल.जल योजना से पिछले 2 साल से ग्रामीणों को पानी प्रदाय किया जा रहा है। लेकिन एक सप्ताह पहले बिजली बिल भुगतान नहीं होने के कारण नल.जल योजना का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को नल.जल योजना से पानी नहीं मिल रहा है।
16 हजार का बकाया भुगतान: जनसुनवाई में बालाघाट तहसील के ग्राम सोनखार के सुरेन्द्र रहांगडाले अपने ट्रैक्टर का 16 हजार का बकाया भुगतान करवाने की मांग लेकर आया था। उसका कहना था कि उनके द्वारा अपने ट्रैक्टर से ग्राम सोनखार व ग्वारीटोला में शौचालय निर्माण के लिए ईंट, सीमेंट व पाईप का वर्ष 2015 में परिवहन किया गया था। जिसका 16 हजार का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। बालाघाट तहसील के ग्राम खुटिया का आशाराम ढवरे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग लेकर आया था। उसका कहना था कि वह इस योजना में पूरी तरह से पात्र है लेकिन उसे आवास निर्माण के लिए योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। ऐसी ही मांग लेकर वारासिवनी तहसील के ग्राम अंसेरा का तीरथराम भुरे भी आया था।
इन्होंने ने भी जनसुनवाई में की शिकायत: जनसुनवाई में समनापुर.मुक्की का वीरसिंह धुर्वे शिकायत लेकर आया था कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत डेकोरेशन व्यवसाय के लिए उसका ऋण प्रकरण स्वीकृत हो गया है और उसका प्रकरण इंडियन ओवरसीज बैंक चारटोला को भेजा गया है। लेकिन सारे दस्तावेज देने के बाद भी बैंक द्वारा उसे ऋण नहीं दिया जा रहा है। परसवा?ा विकासखंड के ग्राम उ?दना का राजेश परते स्वरोजगार के लिए अपने गांव में इंटरनेट कैफे प्रारंभ करने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग लेकर आया था। इसी प्रकार बिरसा तहसील के ग्राम देवरीमेटा, गोवारी, सुकतरा, मंडई व अन्य ग्रामों के किसान ओलावृष्टि से रबी फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग लेकर आए थे। इन किसानों का कहना था कि 23 फरवरी को ओलावृष्टि व भारी वर्षा से उनके खेत में लगी चना, मसूर, मटर व फसलें पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है।
भुगतान न होने से कट गया नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन, पानी के लिए परेशान हो रहे ग्रामीण
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फ़रवरी 27, 2020