जिले में फलफूल रहे अवैध रेत के कारोबार में नहीं लग रहा विराम
बालाघाट। एक ओर जहां जिला प्रशासन एवं खनिज विभाग जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर विराम लगाने की दुहाई देते थक नही रहा है तथा 2-4 टै्रक्टरों के खिलाफ कार्यवाही कर अपनी पीठ अपने हाथ से थपथपाने में व्यस्त है वही जिले में अवैध रेत के कारोबार पर विराम लगाने की जगह कारोबार में लगातार तेजी आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में चल रहे अवैध रेत के उत्खनन एवं परिवहन के लिये 2 मापदण्ड है प्रशासनिक अमला जहां यह मानने को तैयार नही की जिले में रेत के उत्खनन एवं परिवहन का कार्य फलफूल रहा है वही अवैध रेत के कारोबार में लगे कारोबारियों की बढ़ती सक्रियता के कारण आम आदमी का जीना मुहाल है तथा ऐसी ग्राम पंचायते जहां कारोबारियों की सक्रियता अधिक है वह विचारे स्वयं जिला कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर इस कारोबार में रोक लगाने की मांग कर रहे है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार ने ऐसी ग्राम पंचायतों को जहां रेत की उपलब्धता है रेत खदान के संचालन का अधिकार दे दिया बस क्या था इस शासन के निर्णय के बाद प्रदेश में सत्ता परिर्वतन हो गया एवं पूर्व सरकार द्वारा लिये गये निर्णय का भरपूर लाभ सत्ता सुख के रूप में सत्ताधारी दल के असर-रसूख वाले उठा रहे है।
अपने मतलब तक निर्णय का उपयोग
पूर्व वर्ती सरकार ने ग्राम पंचायतो को अधिकार अवश्य दिया लेकिन उस आदेश के तहत ग्राम पंचायतों की रेत खदानों से रेत का उत्खनन एवं लोडिंग का काम श्रमिकों के द्वारा कराये जाने के निर्देश्श भी दिये। लेकिन कारोबारी सरकार के निर्णयों की परिभाषा अपने हक मे कर ली ग्राम पंचायतों के पोर्टल पर जहां कब्जा कर लिया वही रेत के उत्खनन एवं लोडिंग में पीसी एवं जेसीबी मशीनों का भरपूर उपयोग प्रारंभ हो गया इतना ही नही पंचायती क्षेत्र से निकाली गई रेत का परिवहन उत्तरप्रदेश होने लगा जहां इसकी खपत होती है तथा इस कारोबार से कारोबारी करोड़ों मे खेल रहे है।
बदल रहा नदियों का स्वरूप
जिले में किस रफ्तार से रेत का उत्खनन एवं परिवहन हो रहा है इस बात का अंदाजा खदान क्षेत्र में जाकर लगाया जा सकता है आलम यह है कि नदियां अब कुअंा में तब्दीक होती जा रही है। इतना ही नही नदियों का पानी निकालकर भी रेत का उत्खनन एवं परिवहन हो रहा है भारी मशीनें जहां रात दिन उत्खनन में लगी हुई है।
सड़कों ने तोड़ा दम
जिले में रेत का कारोबार किस रफ्तार से चल रहा है इस बात का अंदाजा खदान के पास से गुजरने वाली प्रधानमंत्री सड़क की दुर्दशा को देखकर लगाया जा सकता है। जानकार लोगों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की लोड वियरिंग कैपसिटी कम होती हे इन सड़कों से ओव्हर लोड हाइवा के लगातार आवागमन से सड़कों की दशा दयनीय हो चली है।