चिटफंड कंपनियों पर कार्यवाही को लेकर कलेक्टर ने ली बैठक
बालाघाट। जिले में चिटफंड कंपनियों द्वारा राशि जमा करने वाले निवेशकों की राशि लेकर फरार हो जाने की शिकायतों के चलते कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने आज शिकायतकर्त्ताओं, नागरिकों एवं अधिकारियों की बैठक लेकर ऐसी कंपनियों के बारे में विस्तार से जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिये है। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी, अपर कलेक्टर श्री राजकुमार खत्री भी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री आर्य ने बैठक में कहा कि चिटफण्ड कम्पनी में कितने निवेशको द्वारा पैसा जमा किया गया है, इसमें कितने एजेंट थे और कुल कितनी राशि जमा की गई है तथा यह कम्पनी कहां कहां पर कार्य कर रही है, इन सबकी जानकारी यथावत रूप से मुझे उपलब्ध कराये । उन्होने कहा कि चिटफंड कंपनी में राशि जमा करने वाले निवेशको द्वारा चेक बाउंस होने पर थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये । चिटफंड कंपनी का वर्तमान में कौन एम डी है और पूर्व में कौन एम डी था इसकी जानकारी भी दी जाये। जिससे मामले का निपटारा जल्दी हो सकेगा।
कलेक्टर श्री दीपक आर्य ने जिले की जनता से अपील की है कि वह अधिक ब्याज या अन्य लालच में आकर किसी भी चिटफंड कंपनी में अपनी राशि जमा न करायें। अपनी राशि की सुरक्षा की दुष्टि से उसे राष्ट्रीयकृत बैंक या सरकारी संस्थाओं या भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमति प्राप्त संस्थाओं में ही अपनी राशि जमा करें। चिटफंड कंपनी में जमा राशि डूब सकती है। यदि किसी व्यक्ति ने चिटफंड कंपनी में अपनी राशि जमा की हो तो वे इसकी सूचना दस्तावेज सहित कलेक्टर कार्यालय या पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपलब्ध करायें। ऐसी कंपनियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी और उनके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जायेगा। अधिक लोभ एवं लालच में पड़कर अपनी जमा पूंजी को गंवाने से बचने के लिए आम जनता से यह अपील की गई है कि वे चिटफंड कंपनियों के झांसे में न आयें और अपनी राशि को सुरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक या सरकारी संस्थाओं में ही राशि जमा करायें।