गिरफ्तारी वारंट के बाद भी पुलिस नहीं कर पा रही आरक्षक की गिरफ्तारी

गिरफ्तारी वारंट के बाद भी पुलिस नहीं कर पा रही आरक्षक की गिरफ्तारी


 बालाघाट। वन विभाग के बालाघाट रेंज के ग्राम कुर्थीटोला में बाघ के शिकार प्रकरण में शामिल मुख्य आरोपी राजकुमार उर्फ राजू मरकाम निवासी बिठली हर्रानाला के खिलाफ बैहर न्यायालय के द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश नहीं कर पाई है। जबकि न्यायालय के द्वारा उसके विरूद्ध यह चौथा गिरफ्तारी वारंट है। गिरफ्तारी वारंट न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बैहर की विद्धान न्यायालय ने जारी किया है। 
 उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2019 को बालाघाट वन परिक्षेत्र सा. के कुर्थीटोला में बाघ के शिकार के प्रकरण में शामिल 9 आरोपियों के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 043/1067, 19 में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर चालान न्यायायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बैहर की अदालत में प्रस्तुत किया जा चुका है।
 जिनमें मुख्य आरोपी राजेन्द्र उर्फ राजू मरकाम को फरार घोषित किया गया है। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा  में पेश किया जा चुका है जहां से लगभग सभी गिरफ्तार आरोपी जमानत पर है। ज्ञात रहे कि फरार मुख्य आरोपी राजु मरकाम पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर है जो कि नक्सल उन्नमूलन में कार्य करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जब से कुर्थीटोला के बाघ के शिकार का प्रकरण का खुलासा हुआ है तब से वन्य प्राणियों का शिकार होना ही बंद हो गया है।
 राजू मरकाम के खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंट बैहर न्यायालय के द्वारा जारी किया जा चुके हैं। लेकिन पुलिस उसे फरारी में बता रही है, उसे एक न एक दिन न्यायालय में आत्मसमर्पण करना ही पड़ेगा। चूंकि बाघ के शिकार का प्रकरण गंभीर है। अग्रिम जमानत के लिए उसने उच्च न्यायालय में भी जमानत याचिका लगाया था। लेकिन खारिज लगाया था। 


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