अब तक बालाघाट में नही लग पाया आक्सीजन प्लांट
बालाघाट। कोरोना काल में महाराष्ट्र द्वारा प्रदेश में रोकी गई ऑक्सीजन सप्लाई के बाद आपदा में अवसर की बात कहते हुए सरकार द्वारा बड़े बड़े वादे किए गए थे जिसमें ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार द्वारा प्रदेश के 18 जिलो में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की गई थी जिसमें बालाघाट में भी अन्य जिलो की तरह ऑक्सीजन प्लांट लगाने को कहा गया था। वहीं प्लांट लगाने को कहा गया था। वही प्लांट लगाने के लिये टेंडर जारी करने का भी दावा किया गया था लेकिन बालाघाट जिले में अब तक मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट नही लग पाया था आपदा के दौरान सरकार द्वारा कहा गया था कि ऐसे जिला अस्पताल जहंा आक्सीजन प्लांट की सुविधा और मेडिकल कॉलेज नहीं है वह मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाकर ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जाएगा। लेकिन इसे जिलेवासियों का दुर्भाग्य कहें या शासन-प्रशासन की उदासीनता कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाना तो दूर की बात अब तक इसके लिए जगह तक चिन्हित नहीं की गई है वहीं हैरान करने वाली बात यह है कि इस सौगात की जिला अस्पताल प्रबंधन को जानकारी तक नही है।
7 किलो लीटर का लगना था ऑक्सीजन प्लांट
बात अगर प्रदेश के 18 जिले में लगने वाले प्लांट की करें तो स्वास्थ्य विभाग ने 6-6 के तीन समूह में 18 जिलो को बंाटा था। विभागीय प्रस्ताव के अनुसार इसके तीसरे चरण में कटनी, सिवनी में 10 किलो लीटर तो मण्डला, दमोह, नरसिंहपुर और बालाघाट में 7 किलो लीटर के ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की गई थी वही दिसंबर के अंत तक कार्य पूर्ण कर नए साल 2021 के प्रथम माह से जिला अस्पतालो में प्लांट शुरू करने की योजना बनाई गई थी लेकिन अन्य योजनाओं की तरह ऑक्सीजन प्लांट की यह योजना भी फाइलो में दबकर रह गई।
मोटी रकम लेकर प्राइवेट कंपनी दे रही ऑक्सीजन
बात अगर जिला आक्सीजन में ऑक्सीजन सप्लाई की करे तो जिला अस्पताल के पास खुद का ऑक्सीजन प्लांट नही है जिसके चलते ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए अस्पताल प्रबंधन निजी कंपनी को मोटी रकम का भुगतान कर ऑक्सीजन मंगा रहा है यदि निजी संस्था या कंपनी किन्ही कारणों के चलते ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देता है या कंपनी ऑक्सीजन की सप्लाई नही कर पाई तो जिला अस्पताल की व्यवस्था बिगड़ सकती है वही कई मरीजो को अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती है।
मामले का संज्ञान लिया जाएगा- डॉ एके जैन
चर्चा के दौरान जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ एके जैन ने बताया कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का यह मामला उनके संज्ञान में नही है वह अपने अधीनस्थों से चर्चा कर मामले का संज्ञान लेंगे और पता लगाएंगे कि गैस प्लांट की प्रोसेस कहां तक आगे बढ़ी है।