समस्या के दलदल में फंसा छिंदीटोला
बालाघाट। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड केंद्रीय माइन के अंतर्गत आने वाला छिंदीटोला गांव अब दलदल की गहराई नाप रहा है। ये वही गांव है जिसे हिंदुस्तान कॉपर लिमिटैड ने गोद लिया है, आज इसकी दुर्दशा देखिये, गांव से एक किलोमीटर की दूरी में हिदुस्तान कॉपर केमिकल वाला वेस्टेड रेत लिकविड मटेरियल अपार रूप में जमा हो गया है। जिससे उसका केमिकल वाला पानी धीरे धीरे सीपेज हो कर अपने में ही एक बड़ी धार बना चुका है। अब वो केमिकल वाली धार छिंदी टोला निवासियों को प्रभावित कर रही है। उस पानी से घर धंस रहे है, लोग बीमार हो रहे है। और चर्मरोग से ग्रसीत हो रहे है। केमिकल युक्त पानी जहां एकत्रित हो रहा था, वहां हिंदूस्तान कॉपर लिमिटैड द्वारा एक बड़ी मोटर लगाई गई थी। जो दीपावली के समय से बंद पड़ी है। आज वही पानी बड़े रूप मे गांव के अंदर घुस रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि ये पानी हमे बीमार कर रहा है, हिंदुस्तान कॉपर प्रोजेक्ट इसका जिम्मेदार है। हिंदुस्तान कॉपर के अधिकारियों ने हम गांव वालो से वादा किया था कि हमें मुफ्त चिकित्सा उपचार देंगे, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटैड में नौकरी देंगे, पीने का स्वच्छ पानी देंगे, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार आज तक उन्होंने किसी भी वादे को पूर्ण नही किया। उल्टा गांव को और गांव के निवासी लोगों को हानि पहुंचाई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अब हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड अपनी मांगों को पूरा नहीं करेगा, तो पूरा आदिवासी समाज इस गांव के लोग और पूरा बैहर विधानसभा जन आंदोलन करेगा।