नर्सिंग कॉलेज खोलने के बदले मापदंड
बालाघाट। नर्सिंग कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए शासन के द्वारा नर्सिंग कॉलेज खोलने को लेकर तमाम मापदंडों में बदलाव करते हुए नियमों को सख्त कर दया है अब नर्सरी कॉलेज खोलने के लिए संबंधित संस्था को 100 बिस्तर का निजी हॉस्पिटल होना अनिवार्य कर दिया गया है हालांकि ट्राइबल क्षेत्रों में इसमें छूट दी गई इसके अलावा अस्पताल के कॉलेज की दूरी का भी निर्धारण कर दिया गया है जिससे कॉलेज में पढऩे वाले छात्रों को सुविधा होगी शासन के द्वारा नियमों की में किए गए फेरबदल से नर्सिंग कॉलेज के संचालक काफी संतुष्ट है उनका कहना है कि यदि कॉलेज खोलने को लेकर नियम कानून सख्त नही बनाए गए तो आने वाले समय में नर्सिंग कॉलेजों की जिले में बाढ़ सी आ जाएगी जिससे छात्रो को वह शिक्षा नहीं मिल पाएगी जिसकी उन्हें आज जरूरत हैँ
नर्सिंग कॉलेज को लेकर शासन द्वारा उठाए गए सख्त कदम
नर्सिंग कॉलेज खोले जाने को लेकर पूर्व में शासन के द्वारा काफी रियायत दी गई थी लेकिन शैक्षणिक गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए शासन के द्वारा तय मापदंडों काफी बदलाव किए गए हैं और अब नर्सिंग कॉलेज खोलना इतना आसान नहीं होगा अक्सर देखा गया है कि व्यावसायिकता के मद्देनजर आर्थिक लाभ कमाने के लिए कॉलेज खोलने की एक होड़ सी लग जाती है जिसमें सबसे अधिक छात्रों का नुकसान होता है जिसको देखते हुए सरकार के द्वारा यह कदम उठाया गया है ताकि छात्रो को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके।
नर्सिंग कॉलेज खोलने के शासन के मापदंड बेहतर- मनोहर देशमुख
चर्चा के दौरान नर्सिंग कॉलेज के प्रबंधक मनोहर देशमुख ने बताया कि शासन के द्वारा नर्सिंग कॉलेज खोले जाने को लेकर तय किए गए मामलों में फेरबदल किया गया है जो कि काफी सकारात्मक है वर्ष 2011-12 तक जो कॉलेज उन चुके है उनके लिए यह नियम लागू नहीं होने हैं लेकिन अब यदि कॉलेज खोलने की बात आती है तो संबंधित संस्था को शासन के द्वारा तय किए गए मापदंडों का पालन करना होगा उन्होंने कहा कि जब तक चिकित्सा संबंधित पाठ्यक्रमों को लेकर सरकार सख्त नहीं होगी तब तक छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त नहीं हो पाएगी इन आदेशों के बाद कॉलेज खोलने के लिए संबंधित संस्था सभी पहलुओं पर गौर करेगी और केवल गुणवत्ता युक्त कॉलेज ही जिले में खुल सकेंगे जिसका सीधा असर छात्रों की शिक्षा पर पड़ेगा।