घरों के सामने बैंड बजाकर कर की वसूली करने का प्रयास सिर्फ मानसिक प्रताडऩा: द्वारका नाथ
बालाघाट। नगरपालिका प्रबंधन पर करोड़ों का कर बकाया है। जिसके लिए प्रबंधन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रयास के समुचित अंजाम नहीं मिलने के चलते अब नगर पालिका प्रबंधन कर वसूली के लिए सख्ती बरतने पर उतारू हो चुका है। नगर पालिका का राजस्व अमला कर बकायादारो के घर के सामने ढोल बजाकर उनकी घरों की दिवारों पर लाल घेरे का चिन्ह अंकित करने की तैयारी में लग गया है। लेकिन नपा प्रशासन की इस कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगीयां जाहिर की जा रही है तो वही ऐसे कदम अवैधानिक बताया जा रहा है।
जानकारी अनुसार लोगों पर नगर पालिका का करीब साढ़े पांच करोड़ का संपत्ति व जलकर बकाया है। इसके लिए लगातार नोटिस जारी किया गया लेकिन उसके बाद भी बकायादारो के द्वारा कर जमा नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते नगर पालिका प्रशासन अब बड़े बकायादारों के घर के सामने बैंड बजाने पर उतर आई है। जहां इस कार्यवाही से खफा नागरिक द्वारका नाथ चौधरी ने एक ज्ञापन सौंपकर उक्त कदम ना उठाने की मांग की है। ज्ञापन में चौधरी के अनुसार नगरपालिका कर के बकाया होने के पीछे कई वजह बताई है। उन्होंने बताया कि सम्पति जो जीर्ण शीर्ण अवस्था में है उस पर न्याय संगत करो का अधिरोपण नही होना बताया। साथ ही वारसान के रूप में प्राप्त सम्पत्ति का लाभ प्राप्त न होना एवं स्वयं गरीब रहते हुए दायित्वो का भुगतान, इस प्रकार अनेक छोटी छोटी बातों के कारण करो की राशि बकाया होना चाहिए।
चौधरी ने बताया कि नगरपालिका कर की वसुली के लिये नपा अधिनियम में वैधानिक प्रावधान है। जिसमें करो की वसुली के लिये कुर्की कर करो की वसुली की जा सकती है। इसके लिये वसुलीकर्ता अधिकारियों को नियमों मे वर्णित प्रावधानों का उपयोग किया जाना चाहिये। जिससे जनता में विश्वास पैदा हो सके। नियम विरूद्ध कार्यवाही करने पर किसर नागरिक द्वारा न्यायालय के शरण में जाने पर नगर पालिका परिषद की इस प्रक्रिया को विवास्पद बताने पर करो की राशि जमा न करने की मानसिकता को बल प्राप्त होगा, जो कि भविष्य में कर वसूली को प्रभावित करेगा।
इतवारी बाजार के चबूतरों में शर्तो का उल्लंघन करने वालों से निपटेगी नपा
बालाघाट। नगरपालिका क्षेत्र में सब्जी व फल बाजार स्थापित किए जाने के लिए सन 1989 में नगरपालिका प्रबंधन ने 144 चबूतरे आबंटित किए थे। ये चबूतरे उस समय में महज 3200 रूपये में दिए गए थे और 30 से 40 रूपये प्रतिमाह किराया लिया जा रहा था। वहीं आवंटन के दौरान नियम भी निर्धारित किए गए थे कि इन चबूतरों पर कोई शटर नहीं लगाएगा। लेकिन समय के साथ चबूतरे जहां पक्की दुकानों मे निर्मित हो गए है वही शटर भी लगा दी गई है।
नगर के इतवारी बाजार में चिल्लर सब्जी व फल विक्रेताओं को 8 बाई 15 की दुकाने आवंटित की गई थी और शर्त का उल्लंघन करने पर कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी गई थी लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते चबूतरों की लापरवाही के चलते चबूतरों में पक्का निर्माण की 20 से 30 फीट तक अवैध अतिक्रमण भी कर लिया गया है। नगरपालिका के चबूतरों पर पक्का निर्माण करने के साथ ही कुछ लोगों द्वारा एक साथ कई दुकानों का संचालन किया जा रहा है। यहां नपा का एक चबूतरा अब तीन से चार हजार रूपये प्रतिमाह किराया वसूल कर दे रहा है। वहीं नगर पालिका को वर्तमान समय में भी सिर्फ 160 रूपये प्रतिमाह किराया मिल पा रहा है। इससे नगर पालिका के चबूतरों में अवैध अतिक्रमण के साथ ही राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
दोबारा की जाये आवंटन प्रक्रिया-मनोज साव
इतवारी बाजार के व्यापारी मनोज साव समेत अन्य ने बताया कि इतवारी बाजार नगरपालिका परिषद बालाघाट के स्वामित्व के चबूतरे को नियम विरूद्ध क्रय कर अत्यधिक राशि पर किराए पर देकर अवैध लाभ प्राप्त किया जा रहा है वही शर्तो का उल्लंघन कर चबूतरे के स्वरूप की संरचना में भी परिवर्तन कर स्थायी रूप से शटर लगाने का कार्य किया गया है। इसके खिलाफ तत्काल जांच कर कार्यवाही की जाए और समस्त आवंटन निरस्त कर दोबारा से आवंटन की प्रक्रिया की जाए जिससे कि जरूरतमंदों को आवंटित हो सके और सड़क पर दुकान न लग सके।
राजस्व अमला करेगा जांच कार्यवाही-सीएमओ
मामले में नगरपालिका सीएमओ सतीश मटसेनिया ने बताया कि इतवारी बाजार के भ्रमण के दौरान मामला संज्ञान में है। इस संबंध में संबंधित की लापरवाही के चलते उनसे पत्राचार की जानकारी ली जाएगी। वही राजस्व अमले को निर्देशित किया गया है कि वे जांच कर कार्यवाही कर आवंटन को निरस्त करने की कार्यवाही करे।
जर्जर पुल खतरा ए जान, ग्रामीण हो रहे परेशान
बालाघाट। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत दमोह पाथरे से मंडई देवगांव तक ग्राम सड़क बनाई गई है किंतु रास्ते में नहर पड़ता है जिसमें एक छोटा सा पुल बना हुआ है जो राहगीरों की मौत को दावत दे रहा है अब तक सात राहगीर इस पुल से नीचे गिर चुके हैं किंतु किसी प्रकार का जान माल का नुकसान नहीं हुआ है जल्द ही इस पुल का पुनर्निर्माण नही किया गया तो जान माल का नुकसान हो सकता है। मामला बिरसा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चिचगांव के देबा टोला का है, मामले में ग्राम चिचगांव के ग्रामीण हुसैन कुमार राहंगडाले ने बताया कि ग्राम पंचायत चिचगांव के देबा टोला तक 27 किलोमीटर की सड़क आज किसी कार्य की नही है, मात्र एक पुलिया के चलते इस मार्ग की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे है, उन्होने बताया कि इस पुल का निर्माण वर्ष 1955 में कराया गया जो कि अब जर्जर और काफी सकरा हो गया है, जिसके चलते वाहन चालकों और राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होने बताया अब तक इस पुल में लगभग एक दर्जन सड़क दुर्घटनाये घट चुकी है। मामले में कलेक्टर दीपक आर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत चिचगांव से देबा टोला तक सड़क बनाई गयी है, जिसमे पुरोन पुल को डीपीआर में नहीं जोड़ा गया था लेकिन अब पुन: ऐसे पुलो को डीपीआर में जोडऩे की कार्यवाही कि जा रही है, इस पुल को नये डीपीआर में जोड़ा जायेगा, और शासन स्तर से मांग की जायेगी कि शीघ्र ही इस पुल को बनाया जा सके।
मध्यप्रदेश में 12 डिस्लरियों द्वारा स्प्रीट से सेनेटाईजर बनाकर 240 करोड़ की जी.एस.टी.की चोरी
लांजी। पूर्व विधायक किशोर समरीते ने मध्यप्रदेश में 12 डिस्लरियों द्वारा स्प्रीट से सेनेटाईजर बनाकर 240 करोड़ की जी.एस.टी. की चोरी किये जाने का आरोप लगाते हुये मामले की सी.बी.आई से जॉच करवाये जाने की मांग की है। इस संबंध में श्री समरीते ने पत्र के माध्यम से बताया कि भारत सरकार के निर्देश पर म.प्र. शसन को कोविड 19 में सेनेटाईजर की मांग पूरी करने म.प्र. शासन के नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन से लायसेंस लेकर आबकारी विभाग के नियंत्रण में रहने वाली सभी 12 डिस्लरियों द्वारा बड़ी तादाद में स्प्रीट से सेनेटाईजर बनाया गया तथा 240 करोड़ की जी.एस.टी. चोरी की गई। इस मामले में भारत सरकार के जी.एस.टी. विभाग द्वारा रायसेन में मात्र सोम डिसलरी के विरूद्ध कार्यवाही की, किंतु शेष 11, डिस्लरियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जबकि इस मामले में म.प्र.शासन के आयुक्त आबकारी तथा सभी डिस्लरियों में पदस्थ आबकारी अधिकारियों के विरूद्ध भी अपराध दर्ज होना चाहिये। सोम डिसलरी रायसेन में भी आबकारी अधिकारी द्वारा स्प्रीट से सेनेटाईजर बनवाने मे मदद की, इस पर अब तक अपराध दर्ज नही किया गया। इस सम्पूर्ण मामले में यह गंभीर जाँच का विषय है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की लायसेंस पर डिस्लरियों द्वारा किस नियम के तहत बिना आबकारी विभाग की अनुमति से स्प्रीट से सेनेटाईजर बनाये गये। इस मामले में सभी 12 डिस्लरियों में 240 करोड़ की सेनेटाईजर निर्माण में की गइ्र जी.एस.टभ्. चोरी की सी.बी.आई. से जांच होनी चाहिये तथा सभी डिस्लरियों में पदस्थ आबकारी अधिकारी तथा म.प्र. शासन के आबकारी अधिकारी तथा म.प्र. शासन के आबकारी आयुक्त सहित नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग म.प्र. शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान(आई.ए.एस.) तथा आयुक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग म.प्र. शासन के विरूद्ध भी अपराध दर्ज कर सी.बी.आई. से जांच की जानी चाहिए।
उपभोक्ता ने बैंक से निकाले 30 हजार, थैला काटकर ले गए चोर
बालाघाट। मेन रोड स्थित एसबीआई बैंक की मुख्य शाखा से एक उपभोक्ता के 30 हजार रुपये थैला काटकर चोरी कर लिए गए है। इस मामले में शिकायत होने के बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज उपभोक्ता ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर इस मामले की शिकायत कलेक्टर से कर उसे जल्द ही उसकी 30 हजार रुपये की राशि दिलाने व चोरी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
राशि निकालने के बाद कर रहा था दूसरा काम
कलेक्ट्रेट पहुंचे हितग्राही भीवाजी शेंडे लिंगा निवासी ने बताया कि वह घरेलु काम के लिए पांच फरवरी की दोपहर करीब 12.30 बजे एसबीआई बैंक पहुंचा था। यहां पर लाइन में लगकर काउंटर से उसने 30 हजार रुपये की राशि निकाली थी। जिसमें पांच सौ के नोट थे। उसने बताया कि इसके बाद वह बैंक में ही पास बुक में बारकोड लगाने दूसरे काउंटर पर पहुंचा था। यहां पर काम होने के बाद थैले को देखा तो थैला काटकर 30 हजार रुपये नकद चोरी हो गए थे।
सीसीटीवी फुटेज में कैद चोर फिर भी नहीं हो रही कार्रवाई
उपभोक्ता ने बताया कि इस मामले की शिकायत उसने बैंक प्रबंधन को करने के साथ ही पुलिस में भी की है। उसने बताया कि इस मामले में बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर सीसीटीवी कैमरे में एक महिला व दो युवक दिखाई दिए है। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिसके चलते ही वह कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा हैं।
इनका कहना...
बैंक से उपभोक्ता के 30 हजार चोरी होने के मामले में छ: फरवरी को पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करा दिए गए है। तीन सीसीटीवी फुटेज निकाले गए है। मामले में त्वरित कार्रवाई करने की कोशिश की जा रही है।
-अजय गुप्ता, बैंक प्रबंधक, एसबीआई बैंक।
पीएम आवास एलआईजी, एमआईजी क्वार्टर की बुकिंग शुरू
बालाघाट। बूढ़ी स्थित फिल्टर प्लांट के निकट बनाये जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों के आवंटन सहित बैंक लोन प्रक्रिया को लेकर 9 फरवरी को नगरपालिका परिषद सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया इस दौरान हितग्राहियों को योजना से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराई गयी। मामले में नगरपालिका में कार्यरत पीएम आवास योजना के जिला प्रमुख अभिषेक परिहार ने बताया कि बूढ़ी स्थित फिल्टर प्लांट के निकट आवास योजना के तहत 468 मकान बनाये जा रहे है, उसके लिये आज बैंक के लोन की प्रक्रिया, अस्थाई आबंटन के लिये शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें हितग्राहियों को बैकिंग लोन के लिये क्वाक्या दस्तावेज उपलब्ध कराने होगे साथ कि लोन की कितनी किश्त चुकानी होगी, उसकी जानकारी दी जा रही है, उन्होंने बताया कि शिविर के माध्यम से हितग्राहियो की सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि अब तक लक्की ड्रा के माध्यम से 210 हितग्राहियो को मकान का आवंटन किया जा चुका है। ज्ञात हो कि नपा द्वारा बनाये जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एलआईजी और एमआईजी के क्वाटर की भी बुकिंग 9 फरवरी से प्रारंभ कर दी गई है।