वैनगंगा मजदूर यूनियन ने प्रशासन को माल भाड़े में वृद्धि हेतु सौपा ज्ञापन
बालाघाट। वैनगंगा के जिला अध्यक्ष विशाल बिसेन ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि वैनगंगा मजदूर यूनियन द्वारा प्रशासन को माल भाड़े वृद्धि करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया। पेट्रोल डीजल के दामों में निरंतर वृद्धि हो रही है। जहां पेट्रोल 100 रूपये प्रति लीटर एंव डीजल 90 रूपये प्रति लीटर से अधिक हो चुका है। परन्तु मालवाहक वाहनो के भाड़े में विगत दो वर्षो से किसी प्रकार की वृद्धि नही हो पाई है। जिसके कारण जिले के मालवाहक वाहनो के मालक एंव चालकों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
विगत दिवस वैनगंगा मजदूर यूनियन के अंतर्गत जिला मालवाहक संगठन जिसमें मुख्यत: यूनियन के पदाधिकारी, मालवाहन वाहनो के मालक एवं चालक तथा कामगार हमला/मजदूरो के द्वारा एक बैठक आयोजित कर आवश्यक मांगो को लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिये गये।
वाहनो के मालक, चालक, कामगार हमाल एवं मजदूरों के द्वारा लिये गये निर्णय
- प्रशासन द्वारा मालवाहक वाहनो में माल परिवहन में माल भाड़ा बढ़ाये जाने हेतु सार्थक प्रयास किया जाना आवश्यक है इस हेतु जिले के व्यापारियों से प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप कर माल भाड़ा बढ़ाये जाने की अपेक्षा करते है साथ ही जिले के व्यापारियों से यह मांग करते है कि माल भाड़े में व्यापक वृद्धि की जावे।
- प्रशासन द्वारा मालवाहक चालकों के कमर्शियल लाईसेंस हेतु नि:शुल्क केम्प का आयोजन किया जाये।
- प्रशासन द्वारा मालवाहक चालाकों, हमाली मजदूर, दिहाड़ी मजदूरो के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु प्रतिमाह एक नियत तारीख पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाये एवं सभी के आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु जयहिन्द टाकिज मैदान में केम्प का आयोजन किया जावे।
- प्रशासन द्वारा जयहिन्द टाकिज मैदान में (चूंकि उक्त स्थान को दिहाड़ी मजदूर, हमालों एवं छोटे मालवाहक चालकों के रूकने, बैठने हेतु चिन्हित किया गया है) शुद्ध पेयजल की व्यवस्था एंव सुलभ शौचालय की व्यवस्था की जाये।
माल भाड़े की दरो में कमी के कारण मालवाहक को करना पड़ता है समस्याओं का सामना
वर्तमान में जिले के अधिकांश छोटे मालवाहक वाहन जैसे पिकअप, बजाज आपे, लिलेण्ड, टाटा एस के मालक एवं चालक एक ही व्यक्ति होता है वह बड़ी विषम परिस्थिति में स्वरोजगार की परिकल्पना के साथ उक्त वाहन को बैक से कर्ज लेकर खरीदता है एवं उसी वाहन में चालक बनकर एवं आवश्यकता पडऩे पर हमाली करके अपने परिवार का जीवन यापन करने का अथक प्रयास करता है। परन्तु वर्तमान परिदृश्य में जिस तरह से ईधन के दामो में वृद्धि हुई है एवं चौतरफा मंहगाई बढ़ी है ऐसी विषम परिस्थिति में पूर्व निश्चित दरो पर माल वहन करना संभव नही हो पा रहा है, पुराने दरो पर काम करने के कारण बैक की किश्त एंव परिवार का पालन दोनो ही हो पाना कठिन है।
अत: मानवीयता को दृष्टिगत रखते हुए एंव स्वरोजगार के परिपालन हेतु दरो में वृद्धि करना न्यायोचित होगा। आज यह ज्ञापन पूर्ण भरोसे से के साथ प्रशासन को प्रस्तुत किया जा रहा है परन्तु भविष्य में अगर हमारी भावनाओं एवं आवश्यकताओं को नही समझा गया तो विवश होकर हमे अपना काम बंद करना पड़ेगा एंव विषम परिस्थिति में माल वहन को अनिश्चितकाल के लिये बंद करना पड़ेगा जिसका असर बाजार के साथ साथ हमारे परिवार पर भी प्रतिकूल होगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से सहयोग की अपील की गई है।