जिले की बंद ईकाईयों को कागजों में कर दिया चालू, बांट दिया करोड़ो का अनुदान

 जिले की बंद ईकाईयों को कागजों में कर दिया चालू, बांट दिया करोड़ो का अनुदान



बालाघाट। जिले का जिला व्यापार उद्योग केन्द्र में महाप्रबंधक के पद पर विगत 6 वर्ष से आसीन अखिल चौरसिया द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार रहने के बजाए लापरवाही कर रहे है। जिसके कारण जिले का औद्योगिकीकरण एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओं का सही क्रियान्वयन नही होने से शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नही हो पा रहा है। जिसके चलते केन्द्र और राज्य की संचालित योजनाओं को भट्टा लग रहा है। इस प्रकार के अधिकारियों को प्रशासन के द्वारा तत्काल स्थानांतरण करवा दिया जाना चाहिए क्योंकि इनके द्वारा शासन की संचालित योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिलने की बजाए उन्हे परेशान किया जा रहा है। जिससे वर्तमान समय में जिले के अधिकांश युवाओ को आज तक रोजगार उन्हें बेरोजगार रखा गया है।
जिला उद्योग व्यापार केन्द्र का महाप्रबंधक अखिल चौरसिया ने अपने 3 वर्षीय कार्यकाल में रहते हुए एक ओर जिले के बेरोजगारो को रोजगार नही दिला पाए। जिसके कारण आज बालाघाट जिले में 70 प्रतिशत युवाओं को योजना के तहत कोई लाभ नही मिल पाया। ज्ञात हो कि गत 25, 26 व 27 फरवरी, मार्च 2017 में तात्कालीन उद्योग मंत्री संजय पाठक सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम मंत्रालय कृषि मंत्रालय एवं कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन की उपस्थिति में जिलो में दो औद्योगिक क्षेत्र के लिए कनकी एंव रेगाटोला, एकोड़ी की घोषणा की गई थी। क्योंकि उद्योग खुलने से जिले के उद्योगपतियो को सुविधाएं मिल सके। जिसका महाप्रबंधक श्री चौरसिया द्वारा कोई क्रियान्वयन नही किया गया।
उद्योगपतियो को दे दिया 10 करोड़ का अनुदान
विभागीय सूत्रो से मिली जानकारी अनुसार बताया गया कि जिला उद्योग केन्द्र बालाघाट में महाप्रबंधक अखिल चौरसिया के द्वारा जिले में उद्योग लगाने के नाम पर उद्योगपतियो को 10 करोड़ का अनुदान दे दिया। इसी तरह उद्योग केन्द्र के प्रबंधक गणेश हरने के द्वारा वर्ष 2018-19, 2019-20 की रोजगार मूलक योजनाओं युवा उद्यमी एव कृषम उद्यमी का लक्ष्य पूर्ण नही किया गया है एव उद्योग आधार का लक्ष्य भी 50 प्रतिशत ही किया गया है। जो पूर्णत: फर्जी ईकाईयों का पंजीयन किया गया है। पूंजी निवेश अनुदान, ब्याज अनुदान, प्रवेश कर एवं वाणिज्य कर अनुदान एवं मंडी टैक्स में छूट व अन्य सुविधाओं के प्रकरण में 30 से 34 प्रतिशत रिश्वत की मांग लिए जाने की भी शिकायत प्राप्त हुई है। जबकि जिले की पांच ईकाईयों जिनमें विद्युत कनेकशन नही है फिर भी उन्हें लाखों रूपये का अनुदान दे दिया गया है।
कबाड़ी को दी गई भूमि
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेखित कर बताया गया कि जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक द्वारा अर्धशहरी औद्योगिक संस्थान में कबाड़ी को 2000 वर्गफूट भूमि कबाड़ी के र्का हेतु दे दी गई है। जहाँ प्रतिमाह 15 हजार रूपए लेकर अवैध कार्य करवाए जाने की भी जानकारी मिली है जबकि जिले की अधिकांश बंद ईकाईयों से लेन देन कर उन्हें शुरू दिखाकर प्रति ईकाई से लेन देन का भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही कवेलू इकाई के पास चार से 6 एकड़ भूमि है जो अधिकांश बंद रहती है। उसे भी चालू दिखाकर उन्हें चालू दिखाकर उन्हें 25 हजार रूपए का लेन देन करने की जानकारी मिली है। इसी के अलावा स्वयं के रिश्तेदार को सायकल रिपेरिंग हेतु शेड दिया गया है जो अनुमति देकर हाटल व्यवसाय हेतु अनुमति दे दी गई है।
उद्योग केन्द्र में भी भ्रष्टाचार
मप्र शासन के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेवा को भेजी गई शिकायत में उल्लेख किया गया है कि बालाघाट जिले के उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक अखिल चौरसिया और प्रबंधक गणेश हरने के द्वारा औद्योगिक क्षेत्र गर्रा में पांच शेड है जिनमें से 4 एवं 5, 30-40 वर्षो के लिए आबंटित नही किए है। शेड क्रमांक 1, 2, 3 निरस्त हो गया है। तो भी यह उद्योग पतियो के विरूद्ध कोई भी कार्यवाही नही की गई। अर्धशहरी औद्योगिक संस्थान में भारती फेब्रीकेशन को निरस्त करने के बाद से ईकाई के मजदूर शब्बीर खान एंव अहमदरजा को ईकाई चलाने दी जा रही है। जो नियमो के विरूद्ध है। जिससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है। इसी तरह जिला उद्योग जिला उद्योग केन्द्र में 2 प्रबंधक, 3 सहायक प्रबंधक, 1 स्टेनो, दो यूडीसी, 4 एलडी सी एवं एक कम्प्यूटर ऑपरेटर होने के बाद भी जब से महाप्रबंधक अखिल चौरसिया पदस्थ हुए है तब से रोजगार मूलक योजनाओ एंव उद्योग आधार के लक्ष्य पूर्ण नही किए गए फर्जी ईकाईयों की जानकारी दी गई है।
पहुंची शिकायत
जिला उद्योग केन्द्र में योजना मूलक के नाम पर ओर ईकाईयो के नाम पर शासन को लगाया गया चूना की शिकायत हमारे पास पहुंची। जिसमें उल्लेख किया गया कि महाप्रबंधक अखिल चौरसिया, प्रबंधक गणेश हरने के द्वारा की गई अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के अलावा जिले में बंद ईकाईयों को कागजो में चालू दिखाकर शासन को चूना लगाने का काम किया जा रहा है। इस शिकायत के माध्यम से आवाज उठाई जा रही है। हालांकि अगला अंक आगामी दिनो में फिर से प्रकाशित किया जाएगा। हालांकि जिला व्यापार उद्योग केंद्र ने शासन की महात्वाकांक्षी योजनाओ का लाभ बेरोजगारो को देने की बजाए उन्हें ठगा गया है।

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