यह कैसा उद्योग केन्द्र, जहां नही मिल रहा है शासन की योजनाओ का लाभ
बालाघाट। जिले का जिला व्यापार उद्योग केन्द्र मे महाप्रबंधक के पद पर विगत 5 वर्ष से अधिक आसिन अखिल चौरसिया द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार रहने के बजाए लापरवाही कर रहे है। जिसके कारण जिले का औद्योगिकीकण एवं शासन द्वारा संचालित योजनाओं का सही क्रियान्वयन नही होने से शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नही हो पा रहा है। जिसके चलते केन्द्र और राज्य की संचालित योजनाओं को भट्टा लग रहा है। जिससे वर्तमान समय में जिले के अधिकांश युवाओं को आज तक रोजगार मिलने की बजाए उन्हें बेरोजगार रखा गया है। ज्ञात हो कि जिला उद्योग व्यापार केन्द्र का महाप्रबंधक अखिल चौरसिया ने अपने 5 वर्षीय कार्यकाल में रहते हुए एक ओर शासन की येाजनाओं का बंटाधार किया है वही दूसरी ओर जिले के बेरोजगार को रोजगार नही दिला पाए। जिसके कारण आज बालाघाट जिले में 70 प्रतिशत युवाओं को योजना के तहत कोई लाभ नहीं मिल पाया
घोषणा के बाद भी नहीं मिला योजना का लाभ
गत 25, 26 व 27 फरवरी, मार्च में तात्कालीन उद्योग मंत्री संजय पाठक सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम मंत्रालय कृषि मंत्रालय एंव तात्कालीन कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन की उपस्थिति में जिलो में दो औद्योगिक क्षेत्र के लिए कनकी एंव रेंगाटोला, एकोड़ी की घोषणा की गई थी। क्योंकि उद्योग खुलने से जिले के उद्योगपतियों की सुविधाएं मिल सके। जिसका महाप्रबंधक श्री चौरसिया द्वारा कोई क्रिन्वयन नही किया गया।
भतीजे के कंडम वाहन पर शासन का डीजल
युवा शिक्षित बेरोजगारो ने अपने सौपी शिकायत में यह भी उल्लेखित किया है कि जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक अखिल चौरसिया पर लोकायुक्त का प्रकरण भी चल रहा है। उनके पास वारासिवनी में 3 फ्लेट विगत दो तीन वर्ष में क्रय किए गए है जो लगभग एक करोड़ के है। वही अनुपातहीन संपत्ति की जांच की जाने की मांग की है। इसी तरह जिला उद्योग केन्द्र में जो जीप किराए पर चलाई जा रही है वह एक तो टैक्सी परमिट नही है। जबकि श्री चौरसिया ने अपने भतीजे के ही वाहन को 25 हजार रूपए प्रतिमाह से किराया दे रहे है। जिसका क्रमाक एम पी 20 सी बी 1860 और 2009 का माडल है जो एक प्रकार से कंडम है जो लाकडाउन की अवधि श्री चौरसिया द्वारा मंडला स्वयं के काम से ले जाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।
अपात्र ईकाईयो को दे दिया विद्युत कनेकशन
शिकायत काफी में यह भी उल्लेखित किया गया है कि औद्योगिक क्षेत्र गर्रा में महाप्रबंधक द्वारा ग्रीन बेल्ट की भूमि पर 22 परिवारो को लाखो रूपए लेकर बसा दिया गया है जो विभागीय नियमो का उल्लंघन है। इसी तरह बर्वे राईस मिल को लेन देन कर आबंटित कर दी गई। इसी तरह मेंहदीवाड़ा वारासिवनी क्षेत्र में दो अपात्र ईकाईया को विद्युत कनेकशन के बतौर तीस तीस लाख रूपए की लागत से पूंजी अनुदान एवं अन्य सुविधाओं मंडी टैक्स/प्रवेश कर लेन देन कर दी गई।
शिक्षित बेरोजगारो से पैसा की मांग का आरोप
इस संबंध में युवा बेरोजगार लोगो ने मंत्री रामकिशोर कावरे को सौपे ज्ञाप में उल्लेखित किया है कि जिला व्यापार उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक अखिल चौरसिया जब से बालाघाट में पदस्थ हुए है तब से जिला व्यापार उद्योग केन्द्र में रहकर शिक्षित बेरोजगारो को योजनाओ के नाम पर उनके पैसों की मांग करते है। जिले में आने वाले शिक्षित बेरोजगारों एवं सीधे साधे युवा उद्यमियो हरिजन- आदिवासी महिला एवं पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों से महाप्रबंधक एवं उनका स्टाप दुव्र्यव्हार करता है। बल्कि यह भी कहा गया है कि जिला उद्योग व्यापार केन्द्र ही भ्रष्टाचार के दलदल में धसा हुआ है।