एक साल पहले परमिट में दूरी थी 208, दोबारा मिली तो दूरी हो गई 104 किलोमीटर

 एक साल पहले परमिट में दूरी थी 208, दोबारा मिली तो दूरी हो गई 104 किलोमीटर



बालाघाट। बालाघाट जिले के जिला परिवहन विभाग में करीब तीन साल पहले वाहनों के फर्जी रजिस्ट्रेशन का घोटाला बहुचर्चित हुआ था। जिसमें करो?ो का घोटाला हो चुका हैं। वहीं एक बार फिर से परमिट जारी करने के नाम पर लापरवाही बरती जा रही हैं। जिससे शासन को न सिर्फ राजस्व का नुकसान हो रहा हैं। बल्कि फर्जी वाहन रजिस्ट्रेशन घोटाला की तर्ज पर ब?ा घोटाला भी हो सकता हैं।

तीन माह के लिए 2020 में जारी परमिट में 208 किलोमीटर थी दूरी

जिला परिवहन विभाग ने एक मार्च से लेकर तीस अप्रैल 2020 को बस क्रमांक एमपी 50 पी 0201 को परमिट जारी किया था। यह परमिट बीजाटोला से लेकर चांगोटोला वाया मंडला, मलाजखंड, मोहगांव, बैहर, खुरमुंडी से बघोली था। जिसकी सिंगल दूरी 104 किलोमीटर दशाई गई थी और डबल दूरी 208 किलोमीटर तय की गई थी लेकिन इसी बस को दोबारा जब 2021 में परमिट जारी किया गया तो इसकी दूरी आधी हो गई जो न सिर्फ परिवहन विभाग की लापरवाही को दर्शाता है बल्कि इसे शासन को राजस्व का नुकसान भी हुआ है। ऐसे परमिट के और भी कई मामले उजागर हो सकते हैं।

2021 में परमिट में दूरी घटकर हो गई 104 किलोमीटर

2021 में इसी बस क्रमांक एमपी 50 पी 0201 के एक मार्च से लेकर तीस अप्रैल तक एक बार फिर से परमिट जारी किया गया और इस बार भी रुट बीजाटोला से लेकर चांगोटोला वाया मंडला, मलाजखंड, मोहगांव, बैहर, खुरमुंडी से बघोली था लेकिन इस बार इसकी दूरी घट गई। यहां जारी परमिट में सिंगल तय दूरी 104 किलोमीटर घटकर 54 किलोमीटर हो गई और डबल दूरी 208 से घटकर 104 किलोमीटर हो गई हैं।

बिना अधिकारी के परमिट मिलना संभव नहीं बड़ी लापरवाही

बसों को दोबारा परमिट जारी करने के दौरान नियमों की अनदेखी कर दूरी कम कर शासन को राजस्व का नुकसान पहुंचाने की इस लापरवाही को चालक परिचालक महासंघ के जिलाध्यक्ष योगेश यादव ने जानबूझकर की गई लापरवाही बताया हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा सिर्फ सांठगांठ कर ही किया जा सकता है कारण कोई भी परमिट जारी करने के दौरान न सिर्फ जिला परिवहन अधिकारी हस्ताक्षर करते है बल्कि दस्तावेंजों की जांच भी करते है बावजूद इसके इतनी बड़ी लापरवाही सांठगांठ को ही दर्शाता हैं। उन्होंने बताया कि ये तो सिर्फ एक बस का मामला सामने आया पाया है। इस मामले की सही तरीके से जांच की जाए तो और भी मामले उजागर हो सकते हैं।

इनका कहना

बस क्रमांक एमपी 50 पी 0201 को दोबारा परमिट जारी करने में दूरी कम करने का मामला संज्ञान में आया है ये बड़ी चूक है। इस मामले की जांच कर टेक्स वसूलने की कार्रवाई करने के साथ ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

अनिमेष गढ़पाल, जिला परिवहन अधिकारी, बालाघाट।

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