नपा बालाघाट का खाली हो रहा खजाना, प्रभावित हो रहे विकास कार्य

 नपा बालाघाट का खाली हो रहा खजाना, प्रभावित हो रहे विकास कार्य


बालाघाट। नगरपालिका बालाघाट फरवरी  2021 तक मात्र 32.35 फीसदी ही राजस्व वसूल सका है, जिसके कारण नपा की वित्तीय स्थिति काफी कमजोर है। नगरपालिका के खजाने में कम राशि जमा होने से नगर के विकास कार्य भी थमे हैं। साथ ही यहां कार्य करने वाले 500 से ज्यादा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। नगरपालिका परिषद का कार्यकाल पूरा होने के बाद यहां प्रशासक के रूप में स्वयं जिला कलेक्टर द्वारा राजस्व वसूली को लेकर दिशा-निर्देश दिया जा रहा है, ताकि नगर पालिका की वित्तीय स्थिति में सुधार आ सके और विकास कार्यो को गति मिले।
10.58 करोड़ का लक्ष्य, वसूले 3.24 करोड़ रूपए
राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2020-21 के आरंभ में राजस्व वसूली 10 करोड़ 58 लाख 90 हजार 579 रूपए थी, लेकिन 2020 में मार्च से कोरोना महामारी के चलते सभी शासकीय कार्य बंद हो गए थे। लॉकडाउन हटने के साथ ही सितंबर माह से नगरपालिका द्वारा राजस्व वसूली शुरू की गई। 28 फरवरी तक विभाग द्वारा 3 करोड़ 42 लाख 56 हजार 256 रूपए की राजस्व वसूल की जा सकी है, जो करीब 32 फीसदी ही है। अभी भी 7 करोड़ 16 लाख 34 हजार 314 रूपए की राशि बकाया है।
इन मदों की होती है वसूली
राजस्व विभाग द्वारा नगर मे विभिन्न मदो के आधार पर राजस्व वसूला जाता है। जिसके अंतर्गत् संपत्तिकर, समेकित कर, शिक्षा उपकर, नगरीय विकास उपकर, जलकर, भवन/भूमि किराया के अलावा मकान नर्माण के नाम पर भी टैक्स लिया जाता है। लेकिन अब तक इन सभी मदों पर लिए जाने वाले टैक्स की वसूली राजस्व विभाग के अमले द्वारा वसूल नहीं किए जाने के कारण नगरपालिका में शासकीय कार्य शुरू हुए तब भी लोग टैक्स जमा करने या नपा का अमला लोगों से टैक्स वसूलने में असमर्थता जता रहा। यही वजह रही कि नपा फरवरी 2021 तक लक्ष्य से आधे से भी कम राशि ही वसूल सका।
जल और संपत्तिकर के लिए लोगों को बार-बार कहा जा रहा है। इसके लिए डोर टू डोर जाकर टैक्स वसूल रहे है। साथ ही मुनादी भी कराई जा रही है। लोग 31 मार्च से पहले अपनी बकाया राशि जमा करे। इसके बाद पैनाल्टी वसूली जाएगी।
सतीश मटसेनिया, सीमएओ
नगरपालिका बालाघाट

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