लगातार हो रहे हादसों के बाद भी नियमों को ताक पर रख फर्राटा मार रही बसें
बालाघाट। सीधी में हुई बस सड़क दुर्घटना में यात्रियों की बनी जल समाधि के बाद प्रदेश शासन ने परिवहन विभाग को बसों की रुटीन जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद बालाघाट जिले के परिवहन विभाग ने एक दो दिनों तक बसों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। जिसके बाद फिर से बसों वैसे ही नियमों का ताक पर रख फर्राटे से दौड़ रही है। वहीं 12 मार्च की देररात बालाघाट से इंदौर जा रही बस छिंदवाड़ा में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें बालाघाट की एक महिला समेत एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई है तो दर्जनों यात्री घायल हो गए है। जिसके बाद एक बार फिर जिले में बसों का संचालन समुचित कराने को लेकर मांग उठ रही है, हालांकि लोगों की मांग के बीच बसों का संचालन नियमों का ताक पर रख ही हो रहा हैं।
न वैधता प इंशोरेंस फिर बैठाइ जा रही सवारी
शनिवार को स्थानीय बस स्टैंड से सवारियों को बैठाकर उनके गंतव्य के ओर ले जानी वाली बहुत सी बसें ऐसी थी जिसमें परिवहन विभाग के निर्देश के तहत जानकारी तो लिखी थी लेकिन लिखी जानकारी के अनुसार बस की वैधता व इंशोरेंस काफी पहले ही समाप्त हो चुके है। इतना ही नहीं बहुत सी बसें तो बसों में बिना जानकारी लिखे ही सवारियों को बैठा रही हैं।
इमरजेंसी विंडों की नहीं व्यवस्था
बस स्टैंड से स्थानीय मार्ग वारासिवनी, कटंगी, मोहगांव, मलाजखंड, लांजी, बैहर, रजेगांव, उकवा, परसवाड़ा, लामता समेत अन्य मार्गो के अलावा गोंदिया, मंडला, सिवनी, जबलपुर समेत अन्य मार्गो के तरफ सवारियों को बैठाकर ले जा रही है। इनमें अधिकत्तर बसें ऐसी है जिनमें किसी प्रकार की इमरजेंसी की स्थिति निर्मित होने पर यात्रयों के बाहर निकलने की जगह ही नहीं हैं। यहां इमरजेंसी विंडों को बंद कर उसमें सीट लगा दी गई है तो वहीं पीछे के कांच को सुरक्षत रखने के लिए उनमें जालियां लगा दी गई हैं। इतना ही नहीं क्षमता से अधिक भी संवारियों को बसों में बैठाया जा रहा हैं।
परिवहन अधिकारी की लापरवाही का नतीजा
अखिल भारतीय चालक-परिचालक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश यादव ने बताया कि बालाघाट जिले में ऐसी बहुत सी बसों का संचालन हो रहा है जो बिना परमिट के है। इन बसों से किसी भी प्रकार की सड़क दुर्घटना की स्थिति निर्मित होने पर परेशानी की स्थिति निर्मित हो जाती है। वहीं यात्री बसें नियमों का पालन भी नहीं कर रही है और परिवहन विभाग भी सिर्फ चेहरा देख-देखकर कभी-कभी कार्रवाई कर इतिश्री कर लेता है। ये परिवहन विभाग की लापरवाही और सांठगांठ का ही नतीजा है कि जो बसें अनियमित तरीके से स?क पर यात्रियों को बैठाकर दौड़ रही हैं।
पंचायत संगठन ने सौंपा ज्ञापन, स्पीड गर्वनर लगाने की मांग
छिंदवाड़ा सड़क हादसे के बाद बालाघाट जिले में यात्री बसों का संचालन नियमों के तहत कराने के लिए शनिवार को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने ज्ञापन सौंपा है। यहां जिलाध्यक्ष राहुल सिंह बैस ने बताया कि सभी यात्री बसों में स्पीड गर्वनर लगाया जाना चाहिए और 60 किलोमीटर से अधिक स्पीड नहीं होना चाहिए, जो बस 200 किलोमीटर से अधिक दुरी की है उनमें दो चालक अनिवार्य रुप से होना चाहिए, 200 किलोमीटर से अधिक का सफर कर रही बसों में यात्रयों का दुर्घटना बीमा शासन द्वारा निश्शुल्क किया जाना चाहिए, प्रत्येक बस स्टाप पर चालक को अल्कोहल टेस्ट होना चाहिए, बसों में फ्रंट व अंदर कैमरे अनिवार्य होना चाहिए, स्लीपर बसों की बाडी अंदर से स्टील के प्रयोग वाली जगहों पर फोम लगाया जाए जिससे कि दुर्घटना होने पर चोट कम लगे। इस दौरान वैभव सिंह बैस, नितेश सिंह बैस, सौरभ चौहान समेत अन्य मौजूद रहे।