रेत उत्खनन का अवैध कारोबार ,,,,,, ,
बिरसा। बिरसा विकासखंड क्षेत्र बिरसा के अंतर्गत अवैध रेत का उत्खनन बिचौलियों की सांठ गांठ के चलते अवैध रेत उत्खनन का कारोबार चल रहा है जैसा कि इस क्षेत्र अंतर्गत 62 ग्राम पंचायत आती हैं जहां पर कहीं न कहीं शासन से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्माण कार्य कराए जाते हैं और बहुत से विभागों में भी कुछ न कुछ निर्माण कार्य समय समय पर राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत जन हित में कार्य किए जाते हैं ऐसी स्थिति में बहुत सारी दुर्दशा देखने को मिल रहा है इससे यहां प्रतीत होता है कि शासन से चलाई जा रही योजनाओं का क्रियान्वयन अब किस प्रकार विकसित होंगे क्योंकि रेत उत्खनन के नाम से लूट का साम्राज्य चक्र चल रहा है किन्तु आज यह दिखाई दे रही है कि रियल्टी पर्ची वह गेट पास पर्ची में रेट कहीं भी अंकित नहीं है यह देखने को अक्सर मिलता है यह दर्शित नहीं होने से जो पर्ची काटने वाले के लिए मन मुताबिक पैसे लेने का कारण बनता है रियल्टी का रेट जानकारी अनुसार ?250 प्रति घन मीटर है जो कि एक पर्ची के 1200 से 1500 तक लिए जा रहे हैं जो कि भराई लोडिंग चार्ज 450 सहित होता है वास्तु स्थितियां है कि लीज स्पर्ट लहंगाकनहार का नाम है पर इस जगह की रेत की क्वालिटी बहुत अच्छी नहीं है वह दूरी भी अधिक है जिसके चलते अधिकतर गाड़ी वाले बंजर नदी का नाला जमुनिया नदी और अन्य स्थानों की रेत का परिवहन करते हैं लीज स्पार्ट की रेत ना होकर अनंयत्र स्थानों की रेत होने से निकलवाई चार्ज वह भरवाई 4 लेवर 1500 से 2000 लगभग तक ले रहे हैं ऐसे स्तिथि में पर्ची काट कर पैसे लेने वाले व रेत की भराई चार्ज के अतिरिक्त परिवहन में मिलाकर 4000 से 4500 से भी अधिक राशि में रेत का विक्रय कर ग्राहक से लिया जा रहा है ऐसी स्थिति में बहुत बार एक पर्ची से एक से अधिक ट्रिप लगाए जाने के बावजूद ग्राहक से उसी दर पर पैसे लिए जाते हैं ऐसी स्थिति में लोगों के असंतोष का विषय है कि रायल्टी पर्ची पर रेट का उल्लेख होना आश्यक है लीज स्पार्ट की रेट ना होने की स्थिति में इस पर रियायत मिलनी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिले रियायत विकासखंड क्षेत्र बिरसा में अवैध रेत का कारोबार छाया हुआ है दबंग बिचौलियों द्वारा तानाशाही चला कर करोड़ों पर दिनदहाड़े खुलेआम लोडिंग गाड़ी दौड़ा रहे है और राजस्व विभाग व वन विभाग मौन धारण कर बैठे हुए हैं सूत्रों से प्राप्त मिली जानकारी अनुसार लोगो से मोटी रकम की भेंट लेकर लगभग अनुमानित राशि 20.000 से लेकर 30.000 हजार रुपए तक घुस लेकर स्वार्त सिद्ध कर शांति बनाए रखने का मामला प्रकाश में आया है एवं देशहित में निष्ठा पूर्वक कार्य करने वाले कानून के रखवाले भी कहा तक जानकारी अनुसार 25000 अनुमानित राजस्व को दिया जाना बताया जा रहा है क्या कारण है समझ से परे है इस प्रकार विकसित भारत अब खुशहाल जिंदगी के साथ एक नई पहचान के साथ देश कैसे तरकी करेगी यह एक सोचनी स्तिथि जो अब चुनौती पूर्ण परिदृश्य हैं