आज किसान मजदूर मार्च।

 आज किसान मजदूर मार्च।



बालाघाट। 23 मार्च 1931 को शहीद आजम सरदार भगत सिंह ,राजगुरु,सुखदेव अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारत की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर लटक गए और देश के लिए शहीद हो गए 23 मार्च 2021 को उनके 90 वा शहादत दिवस पर डॉ राम मनोहर लोहिया चौक से दोपहर 12:00 बजे किसान मजदूर मार्च निकाला जाएगा 28,29 अगस्त 2020 को बालाघाट जिले के सैकड़ों गांव मैं भीमगढ़ बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण भयंकर बाढ़ आई थी जिससे हजारों एकड़ धान की फसल तू्वल तिल्ली कछार की सब्जियां भी सड़ गई थी किसानों की पूरी फसल चौपट हो गई लगभग हजारों मजदूर किसानों के मकान टूट कर गिर कर नष्ट हो गए जिसमें उनके दाल चावल कपड़े बर्तन सभी बर्बाद हो गए। आज तक शासन प्रशासन के द्वारा किसान मजदूर को फसल एवं घर टूट कर गिर जाने का क्षतिपूर्ति मुआवजा नहीं मिला है जबकि राजस्व पुस्तिका परिपत्र के नियम अनुसार 6,4 के अंतर्गत 3 दिन के अंदर क्षतिपूर्ति का सर्वे कराकर 7 दिनों में उन्हें मुआवजा दे दिया जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने घोषणा किया था सबको क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाएगा। और जैसा का तैसा घर बना कर देंगे। लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी किसान मजदूरों को कोई मुआवजा नहीं मिला है। और मारे मारे कलेक्टर तहसीलदार एसडीओ के चक्कर लगा रहे हैं कहीं उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। दिल्ली की टिकरी बॉर्डर ,सिंधु बॉर्डर ,नोएडा आदि बॉर्डर पर लगभग 4 माह से हजारों किसान किसान विरोधी तीन काले कानून को रद्द करने एवं धान ,गेहूं, मक्का बाजरा ,ज्वार ,पोपट ,मटर, दलहन, तिलहन आदि के समर्थन मूल्य पर बिक्री का कानून बनाने की मांग को लेकर बैठे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हठ धर्मिता एवं अहंकार के कारण उनकी बात सुनने एवं समस्या के समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री स्वयं भी नहीं पहुंचे और उनके मंत्रिमंडल का उनका कोई मंत्री भी किसानों के पास नहीं गए जो बहुत चिंता की बात है। 4 माह में लगभग 215 धरने पर बैठने वाले आंदोलनकारी किसान ने कुछ ने अपने आप को गोली मारकर शहीद हो गए कुछ फांसी पर लटक गए बाकी किसान ठंड एवं सरकार की बर्बरता के कारण शहीद हो गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गूंगी बहरी सरकार लाखों किसानों की आवाज नहीं सुन रही है फ्रांस के क्रांतिकारी वेलां ने कहा था बहरों को सुनाने के लिए बम कीआवाज की जरूरत होती है । 

किसान मजदूर की मांगों को लेकर 23 मार्च 2021 को डॉ राम मनोहर लोहिया चौक से रैली प्रारंभ की जाएगी। रैली राम मनोहर लोहिया चौक से हनुमान चौक शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा से होते हुए शहीद भगत सिंह चौक नगर पालिका के पास सभा की जाएगी।

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