नगर पालिका द्वारा काटी जा रही पर्ची को लेकर उठने लगे विरोध के स्वर

 नगर पालिका द्वारा काटी जा रही पर्ची को लेकर उठने लगे विरोध के स्वर



बालाघाट। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनने, शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने के लिए सायरन अभियान, रोको-टोको, मास्क सेल्फी अभियान के साथ ही विभिन्ना माध्यमों से जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में नगर पालिका अमला भी तीन टीम बनाकर नगर के चौक-चौराहों पर मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन नपा द्वारा काटी जा रही चालानी रसीद में समरुपता का न होना अब विरोध का कारण बनता जा रहा हैं। एक ऐसे ही मामले में चालानी कार्रवाई का सामना करें युवक ने नगर पालिका परिसर पहुंचकर इसे मुंह देखी कार्रवाई ठहराकर नपा राजस्व प्रभारी से उचित कार्रवाई की मांग की हैं।

एक ही समय में दो अलग-अलग रसीद की नाराजगी जाहिर

पीडि़त युवक सौरभ चौहान ने बताया कि स्थानीय चौक पर चैकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान उसका भी वाहन रोका गया और मास्क न होने के चलते उसके खिलाफ दौ सौ रुपये की रसीद काटकर चालानी कार्रवाई की गई थी। युवक ने बताया कि इस दौरान यह भी देखने में आ रहा था कि मौजूद स्टाफ चेहरा देखकर कार्रवाई कर रहा था जान पहचान है तो कम रुपये में भी छोड़ दिया जा रहा था। युवक ने बताया कि उसके साथ ही रोके गए एक अन्य युवक की सिर्फ सौ रुपये की रसीट काटी गई जो कि न्यायोचित नहीं हैं। जिसके चलते ही उसने इस मामले की शिकायत की हैं।

नपा ने अब तक वसूला सात लाख का जुर्माना

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए मार्च 2020 से लॉकडाउन लगाया गया था जिसके बाद मई माह से अनलॉक की प्रक्रिया के तहत मास्क पहनकर और शारीरिक दूरी के नियम का पालन कर लोगों को निकलने की अनुमति मिली थी। इस दौरान लोग मास्क के नियम का पालन करें इसके लिए नगर पालिका के अमले ने पुलिस प्रशासन के सहयोग से कार्रवाई शुरु की थी और तब से लेकर अब तक नगर पालिका के अमले ने बिना मास्क के लोगों पर कार्रवाई करते हुए सात लाख से अधिक का जुर्माना वसूल किया हैं।

इनका कहना... राशि तय करना मुश्किल

मास्क पहनने की समझाइस के दौरान बिना मास्क पहनने लोगों पर कार्रवाई की जा रही हैं और इस कार्रवाई में दो सौ रुपये की रसीद काटी जा रही है, लेकिन कई मर्तबा ऐसी स्थिति निर्मित होती है बिना मास्क वाले व्यक्ति के पास उतने रुपये नहीं होते हैं। ऐसे में कभी पचास रुपये तो कभी सौ रुपये की भी रसीद काटी जाती हैं। ऐसे में चालानी कार्रवाई की राशि तय करना मुश्किल हैं।

-वैद्यपुरी गोस्वामी, आरआई, नपा।

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