पढ़ाई के नाम पर विद्यार्थियों को लूट रहे है एनजीओ के एजेंट

 पढ़ाई के नाम पर विद्यार्थियों को लूट रहे है एनजीओ के एजेंट


लांजी। जनपद पंचायत लांजी के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा विकास के नाम पर एक एनजीओ द्वारा फर्जी रूप से स्थानीय लोगों को एजेंट बनाकर वसूली करने का मामला सामने आया है। एजेंटों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर प्राथमिक व माध्यमिक कक्षा में अध्ययनरत बच्चों से पंजीयन के नाम पर 100 रुपये और हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी बच्चों 200 रुपये प्रति विद्यार्थी लिए जा रहे है। इसकी शिकायत कुछ लोगों ने एसडीएम से कर जांच की मांग की है। अब तक लाखों रुपये एजनीओ के एजेंटों द्वारा वसूले जा चुके है।

ग्रामीणों ने बताया कि तथाकथित एनजीओ के द्वारा गोयल कम्प्यूटर के संचालक जागेश्वर गोयल को बीओ नियुक्त किया गया है। उनके नीचे 15 सुपरवाइजर नियुक्त होना बताया जा रहा है। प्रत्येक को 40 सेंटर आवंटित किए है जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्कूल सहित ग्रामों में संपर्क कर छात्र-छात्राओं से उनके अभिभावकों से मिलकर 100-100 रुपये प्रति छात्र पंजीयन शुल्क वसूल रहे है। साथ ही उनसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक डिटेल, मोबाइल, नंबर, समग्र आईडी इन दस्तावेजों को लिया जा रहा है जो कि संदेहास्पद है। इस एनजीओ का हेड कार्यालय हरियाणा गुडगांव बताया जा रहा है।
एसडीएम ने कहा जांच उपरांत होगी कार्रवाई
इस प्रकरण के संबध मे एसडीएम रवींद्र परमार के द्वारा जागेश्वर गोयल एवं उनकी टीम को बुलाया गया। जहां बताया गया की उक्त संस्था के द्वारा उसे नियुक्त पत्र दिया गया है। प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये वेतन भी निर्धारित किया गया है। एसडीएम परमार को जब जागेश्वर गोयल ने नियुक्ति पत्र दिखाया तो प्रथम दृष्टि में वह कार्यालयीन नियुक्त पत्र नहीं लग रहा था। अंग्रेजी भाषा में लिखित पत्र में तमाम गलतियां देखी गई। जिसको देखते ही एसडीएम परमार ने फर्जी पत्र बताते हुए एनजीओ के संचालक को 24 घंटे में संपूर्ण दस्तावेज सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए अन्यथा एफआइआर दर्ज करने की बात कही गई।
एसडीएम ने बीआरसी को दिये दिशा निर्देश
एनजीओ के संचालन के संबध में जहां एसडीएम रवींद्र परमार ने जांच के आदेश दिए। बीआरसी बडघैया को आदेश जारी किए है कि समस्त विद्यालयों में कार्यालयीन आदेश जारी करें कि इस प्रकार से धोखाधड़ी ना आए। अपनी निजी जानकारी, दस्तावेज किसी को ना दें, यदि इस प्रकार से कोई करता पाया जाता है तो उसकी जानकारी मेरे कार्यालय में, पुलिस थाना लांजी एवं शिक्षा विभाग, प्राचार्य, शिक्षकगणों को अवश्य देवे। सभी शिक्षकों से ही कहा गया कि अपने अपने विद्यालय में समस्त बच्चों को यह जानकारी देवे की उक्त प्रकार से किसी को अपनी निजी जानकारी ना दे। अभिभावकों तक भी यह सूचना पहुंचाई जाए। एसडीएम ने जनता से भी अपील की है यदि कोई बच्चों के निजी दस्तावेजों की मांग करता है तो पहले जांच पड़ताल कर ले कोई शासकीय संस्था मांग रही है अथवा किसी शासकीय तंत्र के माध्यम से पैसे और दस्तावेज मांगे जा रहे है संपूर्ण जांच पडताल स्वयं भी करें और यदि कोई संदेह उत्पन्ना होता है तो उसकी शिकायत करें। महज 100 रुपये मांग रहे है।इसलिए पैसे देकर बरी नही होना है हो सकता है आगे कोई अनहोनी हुई तो इस प्रकरण मे एसडीएम परमार ने जांच के आदेश जारी किए है इस संबध में बालाघाट सहित राजनांदगांव, गडचिरोली के नाम सामने आए है जिनसे भी पूछताछ की जाएगी।
एजेंटों द्वारा वसूली की भारी राशि
प्रकरण में यह भी बाते सामने आ रही है कि 15 से अधिक एजेंट क्षेत्र में कार्य कर रहे है। इनके द्वारा पंजीयन शुल्क 100 रुपये के नाम पर लगभग तीन लाख रुपये से अधिक की वसूली की जा रही है। जिसमें बिरनपुर, दहेगांव, करेजा, बोरीखुर्द, टेमनी, थानेगांव सहित अन्य ग्राम शामिल है। बच्चों के दस्तावेजों को लेकर 100 रुपये प्रति छात्र-छात्रा वसूली की जा चुकी है। बिरनपुर के एजेंट के द्वारा लगभग 1.50 लाख रुपये की वसूली की गई है। 40 सेंटर से भी अधिक सेंटरों से इन एजेंटों को भी जहां-जहां से रुपये लिए है उन्हें वापस करने कहा गया है।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.