कलेक्टर ने दी चेतावनी स्वयं हटाए अतिक्रमण, अन्यथा हटाया जाएगा बलपूर्वक
बालाघाट। इतवारी बाजार का अतिक्रमण अब न सिर्फ आम लोगों के लिए बल्कि जिला प्रशासन के लिए भी गंभीर विषय बन गया है, दरअसल चबूतरों पर किए गए पक्के निर्माण को हटाने के लिए दो बार चेतावनी का नोटिस जारी किया जा चुका हैं। एक बार नगर पालिका सीएमओ और दूसरी बार कलेक्टर के आदेशानुसार बावजूद इसके न तो अतिक्रमणकारियों ने स्वयं से अतिक्रमण हटाया है और न ही नगर पालिका प्रबंधन इन्हें हटाने की कार्रवाई कर पाई हैं। जिसे लेकर शुक्रवार को कलेक्टर दीपक आर्य ने अंतिम चेतावनी दी है कि अब लीजधारी स्वयं से पक्का किया गया निर्माण हटा ले अन्यथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने नपा सीएमओ को भी निर्देशित किया है कि वे जिम्मेदार राजस्व प्रभारी की जिम्मेदारी तय कर उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें।
1989.90 में किया गया था 140 चबूतरों का आवंटन
नगर पालिका प्रबंधन ने फुटकर सब्जी व फल व्यापारी सड़क पर यहां-वहां दुकान लगाकर यातायात प्रभावित न करें इसके लिए 1989.90 में 140 चबूतरों का आवंटन किया गया था। इस दौरान यहा भी कहा गया था कि इन चबूतरों पर न तो कोई पक्का निर्माण करेगा और न ही शटर लगाएगा। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी लेकिन समय के साथ जहां ये छोटे-छोटे बड़ी व शटर वाली दुकानों में तब्दील हो गए है वहीं इनका उपयोग सब्जी फल व्यवसाय के बदले अन्य दुकानों में हो रहा हैं। इतना ही नहीं कई ने तो बहुत सारी दुकानों को लेकर किराए पर भी दे रखे है। जिससे नगर पालिका को भी नुकसान उठाना पड़ रहा हैं।
पहली मर्तबा सीएमओ ने ये जारी किया था नोटिस
नगर पालिका प्रबंधन ने पहली मर्तबा नौ फरवरी को चबूतरों के वास्तविक आवंटनकर्ताओं को नोटिस जारी किया था और चेतावनी दी थी कि 1989.90 में आवंटित चबूतरों पर अवैध निर्माण किया गया है। साथ ही उप किरायदारों को चबूतरा किराए पर देकर गलत कार्य भी किया जा रहा है जो मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 का उल्लघंन है। साथ ही किराया अनुबंध की शर्तो का भी उल्लघंन है। ऐसी स्थिति में लीजधारी सात दिनों के अंदर आवंटित चबूतरों पर किए गए अवैध अतिक्रमण व उप किराएदार को हटाकर स्वयं संचालन करें और इसकी सूचना नगर पालिका को करें यदि सात दिनों के अंदर ऐसा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ चबूतरा आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन नोटिस की तारीख समाप्त होने के बाद भी न तो लीजधारियो ने कोई कार्रवाई की है और न ही नगर पालिका का अमला कार्रवाई कर पाया है। इसके कुछ दिनों बाद कलेक्टर ने अंतिम नोटिस जारी कर अतिक्रमण को हटाने की चेतावनी दी थी जिसका समय भी समाप्त हो चुका हैं।
इनका कहना...
इतवारी बाजार में चबूतरों पर बिना अनुमति अवैध निर्माण को हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया जा चुका है। बावजूद इसके वे अब स्वयं से अतिक्रमण नहीं हटाते है तो बलपूर्वक अतिक्रमण को हटाने का कार्य किया जाएगा।
-दीपक आर्य, कलेक्टर, बालाघाट।