प्रदेश के बाहर के मिलर्स भी कर सकेंगे धान की मिलिंग
बालाघाट। खरीफ वर्ष 2020-21 के लिए धान उपार्जन एवं निस्तारण के लिए प्रदेश के बाहर के मिलर्स को आमंत्रित किया जाएगा। धान एवं निस्तारण के लिए गठित मंत्री-मंडलीय उप समिति की बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में शीघ्र ही विज्ञापन जारी कर मिलर्स को आमंत्रित किया जाएगा। समिति की बैठक में वित मंत्री जगदीश देव?ा, कृषि मंत्री कमल पटेल, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं जल संसाधन राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे ने वर्चुअली भाग लिया।
प्रोत्साहन राशि में की दोगुनी वृद्धि
खाद्य मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विगत दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई चर्चा में मिलर्स द्वारा प्रोत्साहन राशि को 25 रुपये प्रति क्विंटल से ब?ाकर 50 रुपये किए जाने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा प्रोत्साहन राशि 50 रुपये प्रति क्विंटल कर दी। बाद में मिलर्स द्वारा धान के टूटन का हवाला देते हुए नुकसान के कारण मिलिंग में रूचि नहीं लेते हुए इसे 100 एवं 200 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि अन्य राज्यों में मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में उत्तर प्रदेश में 20 रुपये प्रति क्विंटल, छत्तीसग? में अरवा और उष्णा चावल के लिए 20, 40 और 45 रुपये प्रति क्विंटल, आंध्र प्रदेश में सार्टेक्स चावल के लिए 60 एवं अच्छे चावल के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में 100 एवं 200 रुपये की राशि व्यवहारिक रूप से बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि मिलिंग के लिए अन्य राज्यों के मिलर्स को आमंत्रित किया जाना चाहिए। जहां तक टूटन का प्रश्न है टूटन अन्य राज्यों में भी होगी।
धान मिलर्स को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा समय सीमा में धान उपार्जन के दौरान मिलिंग शुरू करने के लिए नीति बनाई गई।प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने के साथ ही प्रतिभूति राशि 60 से 70 प्रतिशत की गई। मिलर्स द्वारा धान चावल गोदाम से मिल तक ले जाने एवं लाने के लिए परिवहन की दरें निर्धारित की गई। धान की लोडिंग अनलोडिंग करने के लिए दरें जारी की गई। पूर्व में यह लोडिंग अनलोडिंग का प्रावधान नहीं था। इसके अलावा मिलर्स को समय पर भुगतान किया जा सके इसके लिए देयकों के आनलाइन बिलिंग का प्रावधान किया गया। बैठक में कोरोना संक्रमण के कारण मिलर्स एसोसिएशन की ओर से सतना से ललित माहेश्वरी, बालाघाट से गंभीर संचेती, सिवनी से आशीष अग्रवाल, रीवा से दिलीप सिंह, जबलपुर से मुकेश जैन, कटनी से करमचंद असरानी, दावत फूड से राजेंद्र वाधवान, रॉयल ग्रेंस से अब्दुल ताहिर, सागर से क्षितिज मित्तल, विज्ञान लढढा, शंकर मेहानी, संचालक खाद्य तरूण पिथौ?े, प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम अभिजीत अग्रवाल ने वर्चुअली भाग लिया।