पहली प्राथमिकता कोरोना कर्फ्यू को कढ़ाई से लागू करना, तकलीफ होगी पर संक्रमण रुकेगा
बालाघाट। बालाघाट जिले के कोविड प्रभारी एवं मध्य प्रदेश शासन के राज्यमंत्री आयुष स्वतंत्र प्रभार एवं जल संसाधन विभाग रामकिशोर कावरे ने अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना की रोकथाम के लिए जिले में की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी, अपर कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए, सहायक कलेक्टर दलीप कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अजय जैन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सभी एसडीएम, सभी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।
जो कोरोना कर्फ्यू का पालन न करे उस पर कढ़ाई से करें पालन: मंत्री रामकिशोर कावरे ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता कोरोना चैन को तोडऩे के लिए लाकडाउन एवं कोरोना कर्फ्यू को कढ़ाई से लागू कराना है। इससे आम जन को कुछ समस्या और तकलीफ जरूर होगी, लेकिन जिले को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए यह बहुत जरूरी है। जो लोग लाकडाउन का पालन नहीं कर रह हैं उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों को कढ़ाई से रोका जाए और इसके लिए पटवारी, सचिव, कोटवार को सक्रिय किया जाए। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि बालाघाट जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बड़ रही है। हमें कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के जिए तेजी से इंतजाम करना है। गोंदिया, भंडारा, नागपुर के अस्पतालों में अब बालाघाट जिले के मरीजों को बेड मिलना मुश्किल हो रहा है। जिले के प्रत्येक विकासखंड स्तर पर कम से कम 50 बेड के अस्पताल का इंतजाम दो से तीन दिनों के भीतर करना है। अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी नहीं होने देंगें। बालाघाट जिले के आयुष के सभी डॉक्टर्स की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगाई जाए। आयुष के अस्पताल को भले ही बंद करना पड़ जाए, लेकिन लोगों को मरने नहीं देंगे। सभी बीएमओ, जनपद सीईओ अपने पास एक-एक अतिरिक्त वाहन का इंतजाम करें। जिससे जरूरतमंद मरीज को समय पर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
जनपद सीईओ हर दिन आपस में बैठकर कर इंतजाम पर करें चर्चा: मंत्री कावरे ने कहा कि एसडीएम, बीएमओ एवं जनपद सीईओ हर दिन आपस में बैठक कर कोविड अस्पताल के इंतजाम पर चर्चा करें और समस्या का स्थानीय स्तर पर ही निदान निकालने का प्रयास करें। सभी डॉक्टर्स लोगों का मनोबल बढ़ाए और उन्हें कोविड वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित करें। अधिक से अधिक लोगों को कोविड वैक्सीन लगने से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि जिले के प्रायवेट डॉक्टर्स को भी कोरोना संकट के समय में सरकार की मदद के लिए तैयार करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट का समय जनसेवा का है और इसके माध्यम से पुण्य कमाने का अवसर मिला है इसी भावना के साथ हमें काम करना है। कलेक्टर दीपक आर्य ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह में अधिक लोगों के शामिल होने पर जनपद सीईओ को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। आयुष या आरबीएसके को कोई भी डॉक्टर अब कोविड ड्यूटी करने से मना नहीं करेगा। ऐसा करने पर उस डॉक्टर के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।