बालाघाट जिले का अस्पताल भ्रष्टाचार का अड्डा, जनता भगवान भरोसे- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे
बालाघाट। जिले में 223 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है जिसमें प्रथम श्रेणी के 94 डॉक्टर एवं द्वितीय श्रेणी के 117 डॉक्टरों के पद स्वीकृत है लेकिन प्रथम श्रेणी के सिर्फ 13 डॉक्टर शहीद भगत सिंह अस्पताल बालाघाट में पदस्थ है और द्वितीय श्रेणी के पूरे जिले में सिर्फ 35 डॉक्टर पदस्थ है। परसवाड़ा विधानसभा मुख्यालय की तहसील एवं विकास खंड में स्वीकृत डॉक्टर के पद 7 है जो पदस्थ डॉक्टर 0 है। बैहर विधानसभा मुख्यालय तहसील एवं विकास खंड में स्वीकृत डॉक्टर के पद 14 है एवं पदस्थ डॉक्टर सिर्फ 1 है। लालबर्रा विधानसभा मुख्यालय तहसील एवं विकास खंड मे स्वीकृत डॉक्टर 7 है एवं पदस्थ डॉक्टर सिर्फ 1 है। वारासिवनी विधानसभा मुख्यालय तहसील एवं विकासखंड में स्वीकृत डॉक्टर 13 है एवं पदस्थ डॉक्टर सिर्फ 3 है। कटंगी विधानसभा मुख्यालय तहसील विकासखंड में स्वीकृत डॉक्टर 10 है पदस्थ डॉक्टर सिर्फ 2 है। खैरलांजी तहसील मुख्यालय विकासखंड में स्वीकृत डॉक्टर 7 है एवं पदस्थ डॉक्टर सिर्फ 1 है। लांजी विधानसभा मुख्यालय तहसील एवं विकास खंड में स्वीकृत डॉक्टर 24 है एवं पदस्थ डॉक्टर सिर्फ द्वितीय श्रेणी के 2 है, लांजी विधानसभा के किरनापुर तहसील मुख्यालय में द्वितीय श्रेणी स्वीकृत डॉक्टर 7 है एवं द्वितीय श्रेणी के पदस्थ डॉक्टर सिर्फ 1 है। पूरी तरह से व्यवस्था नष्ट और भ्रष्ट हो गई है यहां पर डॉक्टर नहीं है दवाई, ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडसीविर इंजेक्शन, मेडिकल स्टाफ, वेंटिलेटर, टेस्टिंग किट, बेड इत्यादि कुछ भी नहीं है भगवान भरोसे सब कुछ चल रहा है। बालाघाट हॉस्पिटल 3 महीने के अधिक समय पर सीटी स्कैन मशीन के लिए पैसा आ गया है और कुछ सामान भी आ गया है फिर भी जानबूझकर नहीं लगाई जा रही है विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड के अनुसार 1000 जनसंख्या पर 1 डॉक्टर होना चाहिए बालाघाट जिले की जनसंख्या 18 लाख है तो 1800 डॉक्टर होना चाहिए लेकिन अभी बाला जिले में 38000 जनसंख्या पर 1 डॉक्टर पदस्थ है बालाघाट जिले का अस्पताल भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है किसी भी तरह कोई सुविधा नहीं है।