8 अप्रैल 1929 स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दिन - पूर्व सांसद कंकर मुंजारे
बालाघाट। 8 अप्रैल 1929 को 11:00 बजे संसद भवन दिल्ली में शहीद भगत सिंह एवं बटुकेश्वर दत्त ने बम फेंका था उस समय भगत सिंह की उम्र 21 वर्ष 6 माह 10 दिन थी जिससे बहुत जोर से बम का धमाका हुआ बम फेंकने की प्रेरणा फ्रांस के महान क्रांतिकारी शहीद वेला से मिली थी जब धरना प्रदर्शन मीटिंग रैली सभा का बहरी सरकारों पर कोई असर नहीं पड़ता है तब बहरी सरकारों को सुनाने के लिए ऊंची आवाज की आवश्यकता होती है अंग्रेजों की सरकार द्वारा केंद्रीय असेंबली में पब्लिक सेफ्टी बिल पास किया था जिसमें अंग्रेजों कि सरकार को बिना मुकदमा चलाए किसी को भी जेल में बंद करने का अधिकार दिया जाना था। एवं ट्रेड डिस्प्यूट बिल पास किया जाना था जिसमें मजदूरों को किसी भी तरह हड़ताल करने पर पाबंदी लगा दी गई थी। लाहौर सेंट्रल जेल में 1931 को भगत सिंह को 23 साल 5 माह 25 दिन की उम्र में फांसी पर सुखदेव राजगुरु के साथ फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया गया। भारत की नरेंद्र मोदी सरकार के कानों में लाखों किसानों की आवाज सुनाई नहीं पड़ रही है किसानों के द्वारा 26 नवंबर 2020 से लगभग 5 माह से निरंतर धरना प्रदर्शन चक्का जाम सड़क बंद रेल रोको किसान महापंचायत रैली सभा पूरे देश में किया जा रहा है। मोदी सरकार की बर्बरता पूर्वक मारपीट वाटर केनिन एवं तानाशाही एवं फांसी पर लटकने तथा ठंड से 225 किसानों की मृत्यु हो गई शहीद हो गए। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ना उनके कोई मंत्री किसानों से बात करने उनकी समस्या को सुनने प्रदर्शन स्थल पर आज तक नहीं पहुंचे इससे अधिक शर्मनाक एवं आक्रोश की बात और क्या हो सकती है।डीजल पेट्रोल खाना बनाने की गैस खाने का तेल दाल आदि सभी के दाम दुगना हो गए हैं 150 रनों का निजीकरण कर दिया भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन को भी बेच दिया गया है। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला भी बेच दिया है। सरकार द्वारा रेलवे स्टेशन एयर इंडिया हवाई जहाज हवाई अड्डा बैंक बीएसएनल, बीपीसीएल, एलआईसी सहित 28 कंपनी सरकारी संपत्ति व संस्थानों को अडानी अंबानी आदि जैसे उद्योगपति को कंपनी भेज दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहरी सरकार को ऊंची आवाज की आवश्यकता है भारत की जनता के द्वारा शहीद भगत सिंह बटुकेश्वर दत्त से प्रेरणा लेकर उनके मार्ग पर चलकर बहरी सरकार के कानों में ऊंची आवाज बुझाने के लिए दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में बम के धमाके की आवश्यकता है।