सहकारी बैंकों में कार्यसमय बढ़ाने के निर्णय का विरोध प्रारम्भ
फेडरेशन के अध्यक्ष मोहन कृष्ण शुक्ला तथा महासचिव गजानन नीमगॉवकर के अनुसार देश में डेढ लाख से अधिक और प्रदेश में 7000 बैंक कर्मियों के कोरोना संक्रमित होने और देश में 1200 तथा प्रदेश में 130 बैंक कर्मियों की मृत्यु संख्या को देखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार ने बैंक कर्मियों की स्वास्थ्य रक्षा तथा वर्तमान परिस्थितियों में बैंकिंग सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए बैंकों का कार्य समय कम करने के अलावा 50 प्रतिशत कर्मचारियों द्वारा सीमित बैंक कार्य करने का आदेश दिया था। किंतु हाल ही में सहकारिता मंत्री ने किसानों के उपार्जन कार्य के नाम पर राज्य शासन द्वारा घोषित प्रात: 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक कार्य के स्थान पर प्रात: साढ़े नौ बजे से सांय साढ़े चार बजे तक सहकारी बैंकें चालू रखने के निर्देश जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश बैंकिंग के नियमों तथा रिजर्व बैंक के निर्देशों के विरुद्ध है। फेडरेशन के अनुसार राज्य शासन को व्यवसायिक बैंकों सहित अन्य संसाधनों से किसानों का उपार्जन कार्य करवाना चाहिए। इसके लिए मात्र सहकारी बैंक कर्मियों को झोंकना अनावश्यक है। शासन द्वारा सहकारी बैंककर्मियों को न तो कोरोना वारियर माना गया है, न ही टीकाकरण मे प्राथमिकता दी गई है और न ही कोई इंसेंटिव घोषित किया गया है। इस स्थिति में संगठन द्वारा कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी के लिखित आदेश के बगैर अधिक समय कार्य कतई न करें ।