बिना डॉक्टर के कोविड सेंटर मृत्यु सेंटर के समान है-पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

 बिना डॉक्टर के कोविड सेंटर मृत्यु सेंटर के समान है-पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

सरकार की मनमानी एवं असंवेदनशीलता के कारण जिले में शिशु रोग विशेषज्ञ पदस्थ नही



बालाघाट। जिले के सिविल अस्पताल लांजी, सिविल अस्पताल बैहर, सिविल अस्पताल वारासिवनी एवं परसवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, किरनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामपायली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खैरलांजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कटंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 55 प्रथम श्रेणी डॉक्टर के पद स्वीकृत है किसी में भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर एक भी पदस्थ नहीं है अभी तीसरी लहर कोरोना महामारी की बहुत जोरों से आने की बात कह रहे हैं जो बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक जानलेवा है बच्चों पर कोरोना महामारी का असर होगा इसके लिए बालाघाट में शासन प्रशासन के द्वारा कोई तैयारी नहीं की गई है। लांजी, कटंगी, वारासिवनी, बैहर यहां पर शिशु रोग विशेषज्ञ के पद स्वीकृत है लेकिन फिर भी सरकार की मनमानी एवं असंवेदनशील, निक्मेपन के कारण शिशु रोग विशेषज्ञ को पदस्थ नहीं किया। ब्लेक फंगस भी बालाघाट में तेजी से फैल रहा है ऐसी स्थिति में कैसे बिना डॉक्टर के बच्चों को एवं नागरिकों को बचाया जाएगा चिंता व सोचने का विषय है। सिर्फ खाली कोविड सेंटर खोल देने का कोई मतलब नही है। ऐसे कोविड सेन्टर मृत्यु सेंटर के समान है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का शासन एवं प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। सिर्फ नाटक नौटंकी ही कर रहा है। जरा भी जनता के प्रति ईमानदार और संवेदनशील है तो अस्पतालों में निम्नांकित डॉक्टरों को तुरंत पदस्थ किया जाए जिससे बच्चों की जान व नागरिकों की जान बच सकें डॉक्टर होंगे, दवाई होंगी  तभी जान व जहान है। बिना डॉक्टर एवं दवाई के जान व जहान नहीं बचेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जान है तो जहान है की खूब बातें भर करते हैं और जनता को सिर्फ बहलाते फुसलाते है परंतु डॉक्टर, दवाई, ऑक्सीजन,आईसीयू,  वेंटिलेटर आदि का कोई इंतजाम नहीं कर रहे हैं। बालाघाट शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर की चोरी,नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन भी लगाई जा रही है। दवाई की कालाबाजारी भी हो रही है इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है।

सिविल अस्पताल लांजी में प्रथम श्रेणी डॉक्टर के 14 स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 शिशु रोग विशेषज्ञ  2 डॉक्टर

2 स्त्री रोग विशेषज्ञ  2 महिला डॉक्टर 

3 मेडिसिन विशेषज्ञ  2 डॉक्टर

4 सर्जरी विशेषज्ञ  2 डॉक्टर

5 निश्चेतना विशेषज्ञ  2 डॉक्टर

6 मुख्य खंड चिकित्सक  1 डॉक्टर

7 अस्थी, हड्डी रोग विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

8 पैथोलॉजी विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

9 नेत्र रोग विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

बैहर सिविल अस्पताल में प्रथम श्रेणी के 6 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 शिशु रोग विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

2 स्त्री रोग विशेषज्ञ  1 महिला डॉक्टर 

3 चिकित्सा विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

4 निश्चेतना विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

5 सर्जरी विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

6 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। 

कंटगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 6 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 शिशु रोग विशेषज्ञ 1 डॉक्टर                                        

2 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

3 मेडिसिन विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

4  सर्जिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

5 निश्चेतना विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

6 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

वारासिवनी सिविल अस्पताल में प्रथम श्रेणी डॉक्टर के 5 स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 शिशु रोग विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

2 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

3 मेडिसिन विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

4 सर्जरी विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

5 निश्चेतना विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

परसवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 4 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1  महिला डॉक्टर 

2 मेडिसिन विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

3 सर्जरी विशेषज्ञ  1 डॉक्टर

4 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं एवं द्वितीय श्रेणी के भी एक भी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 4 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

2 सर्जिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

3 मेडिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

4 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

किरनापुर  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 4 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

2 सर्जिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

3 मेडिसिन  विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

4 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।                              

 लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 4 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

2 सर्जिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

3 मेडिसिन  विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

4 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है। 

रामपायली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 4 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

2 सर्जिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

3 मेडिसिन  विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

4 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

खैरलांजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रथम श्रेणी के 4 डॉक्टर के स्वीकृत पद निम्नानुसार है-

1 स्त्री रोग विशेषज्ञ 1 महिला डॉक्टर

2 सर्जिकल विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

3 मेडिसिन  विशेषज्ञ 1 डॉक्टर

4 मुख्य खंड चिकित्सा 1 डॉक्टर

सभी पद खाली है एक भी प्रथम श्रेणी डॉक्टर पदस्थ नहीं है।

लांजी में शिशु रोग विशेषज्ञ 2 डॉक्टर, बैहर में शिशु रोग विशेषज्ञ 1 डॉक्टर, वारासिवनी में शिशु रोग विशेषज्ञ 1 डॉक्टर, कंटगी में शिशु रोग विशेषज्ञ 1 डॉक्टर के पद स्वीकृत होने के बाद भी शिशु रोग विशेषज्ञ एक भी  डॉक्टर पदस्थ नहीं किया गया। बच्चों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है जबकि तीसरी लहर बच्चों पर ही ज्यादा भयानक, खतरनाक व जान लेवा है। फिर भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की भ्रष्ट, नालायक सरकार कुछ नहीं कर रही है। बालाघाट जिले के शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सभी गंभीर रूप से बिमार है वेन्टिलेटर पर है। यदि जल्दी से  इलाज नहीं मिला, ऑक्सीजन नहीं मिली तो कभी भी मर जायेंगे।

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