संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर जाने से बेपटरी हुई स्वास्थ्य सेवाए
बालाघाट। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई है। सोमवार को जिले स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लटके नजर आए। 5 जून 2018 संविदा की नीति नियमित पदों के समकक्ष 90 प्रतिशत वेतनमान लागू करने एवं निष्कासित साथियों की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के समस्त संविदा कर्मचारी-अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
सरकार के ढुलमुल रवैया एवं विगत 15 वर्षों से संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की तरफ ध्यान ना देने, इस महामारी में भी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मौत के बाद भी उनके लिए कोई सुरक्षा नहीं करना, स्वास्थ्य कर्मियों को लगातार प्रताडि़त करने, उत्पीडि़त करने के कारण प्रदेश भर के सभी उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायकि स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल, जिला अस्पताल, में पूरी तरह से स्वास्थ्य सेवा हुई ठप हो गई है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मी-अधिकारी हड़ताल पर चले जाने से ओपीडी एवं कोरोना टीकाकरण व कोई भी योजना का संचालन नहीं हो रहा है, जिसके कारण मरीजों एवं हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ उपलब्ध नहीं हो रही है।
स्वास्थ्य केंद्रों में लटके रहे ताले
सोमवार को बालाघाट जिले के भी सभी स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं एवं कार्यालय में ताले लटके रहे। स्वास्थ्य सेवा अत्यंत प्रभावित हुई एवं संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हडतताल में चले जाने से कोरोना महामारी में भी विकट समस्या पैदा हो गई है।
जनता से किया आग्रह
एनएचएम में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने आम जनता से आग्रह किया है कि उनके बच्चे भी संविदा नौकरी में जाएंगे। वे संविदा प्रथा को खत्म करने एवं संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल में सहभागी बनने के लिए अपना योगदान दें। जिससे जल्दी से हड़ताल समाप्त हो जाए और सभी को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जा सके।
इनका कहना ...
संविदा स्वास्थ्य संघ बालाघाट के उपाध्यक्ष संजय तुरकर का कहना क्षहै कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती हैं, तब तक हड़ताल निरंतर जारी रहेगी। विगत कई वर्षों से सरकार के द्वारा संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ छलावा किया है। उनके आश्वासन पर भी हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।