जिले में डॉक्टर की कमी से अस्पताल की व्यवस्था लचर- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

 जिले में डॉक्टर की कमी से अस्पताल की व्यवस्था लचर- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे




बालाघाट। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने बताया कि बालाघाट जिले में शासकीय अस्पताल कुल 48 है। जिसमें जिले के 33 शासकीय अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इससे आप समझ सकते हैं। बालाघाट जिले की जनता को केंद्र की नरेंद्र मोदी एवं शिवराज सिंह सरकार को आपके स्वास्थ्य एवं जिंदगी की कोई चिंता फिकर नहीं है। यह आपके साथ कितनी बड़ी बेइमानी विश्वासघात ,धोखा व अन्याय है। कोरोना महामारी के लगभग 15 माह बाद भी आपके जीवन बचाने के लिए कुछ नहीं किया आपको आपके हाल पर मरने के लिए छोड़ दिया है। जिले के 33 सरकारी अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। जिले में शासकीय अस्पताल में आयुष डॉक्टर के 11 पद स्वीकृत है परंतु रामकिशोर कावरे के आयुष विभाग के राज्य मंत्री होने के बाद भी एक भी आयुष डॉक्टर शासकीय अस्पतालों में पदस्थ नहीं है।

रामकिशोर कावरे बालाघाट जिले के कोरोना महामारी का प्रभारी है और प्रभारी रहते हुए 16 अप्रैल 2021 में बालाघाट शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल से 40 ऑक्सीजन सिलेंडर नियम विरुद्ध गोंदिया भेजे गए जबकि उस समय बालाघाट में आक्सीजन सिलेंडर की बहुत सख्त जरूरत थी। एवं 22, 23 अप्रैल 2021 को भी बालाघाट शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल से लगभग 25 ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी हो गए यह सत्ता के पद पर बैठे लोगों के संरक्षण के बिना संभव नहीं है फिर भी इतना सब होने के बाद भी रामकिशोर कावरे राज्यमंत्री एवं कोरोना प्रभारी के पद पर बेशर्मी के साथ पद पर चिपका हुआ है। जबकि उस समय बालाघाट में ऑक्सीजन सिलेंडर की बहुत सख्त जरूरत थी ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण कोरोना माहामारी से रामकिशोर कावरे के ग्राम बघोली के 29 वर्ष के ऋषि मात्रे, बालाघाट के सादीक खान, शहनाज़ खान, उस्मान खान,मोहगांव धपेरा के भागचंद लिल्हारे, बालाघाट कुम्हारी में पदस्थ नर्स लीना ढेकवारें उम्र 45 वर्ष सहित सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई। अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, दवाई नहीं है, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर एवं सिटी स्कैन की कोई सुविधा व्यवस्था नहीं है। सैकड़ों लोग की कोरोना महामारी से तड़प तड़प कर मृत्यु हो गई। संविधान के अनुच्छेद 21 में सबको जीने का अधिकार दिया है कोरोना महामारी से हजारों लोगों की मृत्यु के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं शिवराज सिंह मुख्यमंत्री पूरी तरह से जिम्मेदार है। नरेंद्र मोदी ने 7 साल और शिवराज  सिंह ने 17 साल में जनता के स्वास्थ्य के लिए कुछ नहीं किया मनमानी लापरवाही एवं गैर जिम्मेदार के कारण हजारों लोगों का नरसंहार हुआ है। 

बालाघाट जिले के जिन 33 शासकीय अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है उनकी सुची निम्नानुसार है:-

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसवाड़ा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांव , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांगोटोला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लामता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरेगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हट्टा ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सालेटेका ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रजेगांव ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ी ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंडेरी , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उकवा , प्राथमिक स्वास्थ्य  केंद्र चिखलाजोड़ी , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनगुड्डा ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानेगांव , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहगांव , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सालेटेकरी , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानेगांव , प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र कारंजा , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरेघाट , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महकेपार , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरोड़ी , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरपुर ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदुली ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोवाड़ , प्राथमिक  स्वास्थ्य केंद्र आरंभा , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिरगपुर ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झालीवाड़ा ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरमाली , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुदबुदा , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटगंझरी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाम , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहगांव। 

बालाघाट जिले में शासकीय अस्पतालों में डॉक्टर की स्थिति निम्नानुसार है-

बालाघाट जिले के सिर्फ 12 शासकीय अस्पतालों में डॉक्टर के स्वीकृत पद से बहुत कम डॉक्टर पदस्थ है। बालाघाट शहीद भगत सिंह जिला चिकित्सालय में प्रथम श्रेणी के डॉक्टर के स्वीकृत पद  44 है जिनमें सिर्फ 14 डॉक्टर कार्यरत है और 27 डॉक्टर के पद खाली है एवं द्वितीय श्रेणी के डॉक्टर के स्वीकृत पद 30 है जिनमें सिर्फ 16 डॉक्टर कार्यरत है और 14 डॉक्टर के पद खाली  है। लांजी सिविल अस्पताल में डॉक्टर के स्वीकृत पद 22 है जिनमें सिर्फ 2 डॉक्टर कार्यरत है और 20 डॉक्टर के पद खाली है।

बैहर सिविल अस्पताल में डॉक्टर के स्वीकृत पद 13 है जिनमें सिर्फ 1 डॉक्टर कार्यरत है और 12 डॉक्टर के पद खाली है। वारासिवनी सिविल अस्पताल में डॉक्टर के स्वीकृत पद 12 है जिनमें सिर्फ 3 डॉक्टर कार्यरत है और 9 डॉक्टर के पद खाली है। कटंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र में डॉक्टर  के स्वीकृत पद 9 है जिनमें सिर्फ 2 डॉक्टर कार्यरत है और 7 डॉक्टर के पद खाली है। लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 6 हैं जिनमें सिर्फ 1 डॉक्टर कार्यरत है और 5 डॉक्टर के पद खाली है। खैरलांजी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 6 है। जिनमें 1 डॉक्टर कार्यरत है और 5 डॉक्टर के पद खाली है। रामपायली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 6 हैं जिनमें सिर्फ 1 डॉक्टर कार्यरत है और 5 डॉक्टर के पद खाली है। किरनापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 6 है जिनमें सिर्फ 1 डॉक्टर कार्यरत है और 5 डॉक्टर के पद खाली है। माटे प्रा.स्वा.केद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 2 है जिनमें 1 डॉक्टर कार्यरत है और 1 डॉक्टर के पद खाली है। बहेला प्रा.स्वा. केंद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 2 है जिनमें 1 डाक्टर कार्यरत हैं और 1 डाक्टर के पद खाली है  बमंहनी प्रा. स्वा. केंद्र में डॉक्टर के स्वीकृत पद 2 है जिनमें 1 डॉक्टर कार्यरत है और 1 डॉक्टर का पद खाली है।

परसवाड़ा कोविड सेंटर बिना एम.बी.बी.एस डॉक्टर,एम.डी डॉक्टर, एनेस्थीसिया डॉक्टर एवं बिना आक्सीजन सिलेंडर के परसवाड़ा में कन्या छात्रावास में बी.ए.एम.एस प्राइवेट डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय के भरोसे कोविड सेन्टर खोल दिया जिसके कारण लगभग 15 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो गई। वहां ठीक से आने जाने के लिए सड़क भी नहीं है।

सिविल अस्पताल बैहर में बिना  एम.डी.डॉक्टर,एनेस्थेसिया डॉक्टर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर के बगैर कोविड सेन्टर खोल दिया गया जिसके कारण 30 लोगों कि मृत्यु हो गई एवं सिविल अस्पताल लांजी में बिना एम.डी.डॉक्टर, एनेस्थेसिया डॉक्टर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना कोविड सेन्टर खोल दिया गया जिसके कारण 25 लोगों की मृत्यु हो गई तथा बिरसा आई.टी.आई में बिना एम.डी. डॉक्टर, एनेस्थीसिया डॉक्टर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर के बगैर कोशिश सेन्टर खोल दिया गया जिसके कारण 100 लोगों की मृत्यु हो गई। मृत्यु होने के बाद कोविड सेन्टर के बाजु में जे.सी.बी मशीन से गड्ढा खोदकर लाशों को गड़ा दिया गया। बालाघाट जिले में लगभग 10 कोविड सेंटर बिना एम.डी. डॉक्टर, एनेस्थीसिया डॉक्टर, आक्सीजन सिलेंडर,दवाई आदि की सुविधा नहीं होने के बाद भी बालाघाट आई.टी.आई, गोंगलई, वारासिवनी अंबेडकर कोविड सेंटर,कंटगी, लालबर्रा, लामता, परसवाड़ा, बैहर, बिरसा, लांजी में नियम विरुद्ध मनमाने 10 कोविड सेंटर खोल दिए गए हैं जिला प्रशासन की मनमानी एवं लापरवाही के कारण सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई।

 शिवराज भाजपा का अंधेर राज चौपट हो गये शासकीय अस्पताल, मंत्री कलेक्टर मालामाल जनता बेहाल।



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