जिला प्रशासन द्वारा कोरोना से मृत्यु के आकड़े को छुपाया जा रहा है- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

 जिला प्रशासन द्वारा कोरोना से मृत्यु के आकड़े को छुपाया जा रहा है- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे              



बालाघाट। जिला प्रशासन के द्वारा बालाघाट में आज 12 मई तक कुल सिर्फ 48 लोगों की कोरोना से मृत्यु होना बताया गया जो बिलकुल झूठा चिंताजनक शर्मनाक भ्रमित करने वाला है।  बालाघाट जिले में डॉक्टर नहीं है दवाई नहीं है ऑक्सीजन नहीं है वेंटिलेटर नहीं है मेडिकल स्टाफ नहीं है जिले के सभी सरकारी अस्पताल बहुत खस्ताहाल है जिले में सरकारी अस्पताल में 214 डॉक्टर के पद स्वीकृत है लेकिन सिर्फ 47 डॉक्टर ही कार्यरत है जिसमें 166 डॉक्टर के पद रिक्त हैं सिर्फ शहीद भगत सिंह शासकीय जिला अस्पताल मे पांच वेंटीलेटर है लेकिन एक भी चालू नहीं है जंग खा रहे हैं धूल लगी है उनको चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन ऑपरेटर नहीं है सरकारी अस्पताल स्वयं मृत्यु प्राय हो गए है। 

ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन के द्वारा कोरोना महामारी से 34 दिनों में सिर्फ 48 लोगों की मृत्यु होना बताकर अपडेट कराया गया है। सैकड़ों लोग अपने परिवार के लोगों की मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दिन भर लाइन लगाकर खड़े रहते हैं उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है प्रशासन के द्वारा कर्मचारियों को जानबूझकर भगा दिया गया है जिनके परिजन की मृत्यु हो गई है उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र तुरंत प्रदान करें। नगर पालिका बालाघाट के द्वारा मृत्युंजय श्मशान घाट में  हजारों कुंटल लकड़ी खरीद कर प्रतिदिन 20, 25,30,35,40 तक शव जलाए गए हैं उसके बावजूद भी जिला प्रशासन सिर्फ 48 मृत्यु  बता रहा है जबकि बालाघाट जिले में कोरोना महामारी से अभी तक बालाघाट जिले में लगभग 5000 लोगों की मृत्यु हो गई है जिला प्रशासन जानबूझकर के मृत्यु की संख्या सिर्फ 48 बता रहा है जिला प्रशासन अपनी पीठ थपथपा कर अपनी नाकामी को बेशर्मी से छिपा राहा है।  जिनके परिवार के लोगों की मृत्यु हुई है उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है  सरकारी कर्मचारी एवं मेडिकल स्टाफ डॉक्टर,नर्स की मृत्यु हुई है एवं आम जनता की जो मृत्यु हुई है उनके संबंध में सही सही जानकारी जिला प्रशासन दे वरना जनता प्रशासन को खींच कर लाकर चौराहे पर खड़ा करके उन्हें सही मृत्यु का आंकड़ा बता कर मुंह पर चिपका देगी डॉक्टर मेडिकल स्टॉप, सरकारी कर्मचारी मजदूरों की मृत्यु हुई उन्हें 1-1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान करें तथा आम नागरिकों को कोरोना महामारी से मृत्यु होने पर उनको 50- 50 लाख रुपए की सहायता प्रदान करें।

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