आज मनाई जाएगी भगवान परशुराम की जयंती

 आज मनाई जाएगी भगवान परशुराम की जयंती



बालाघाट। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आज अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम की जयंती भक्तिभाव और विधिविधान के साथ मनाई जाएगी। हालांकि इस वर्ष कोविड-19 से निपटने किए गए लाकडाउन और बीमारी को दृष्टिगत रखते हुए सर्व ब्राम्हण समाज द्वारा सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्व कर घरों में ही जयंती मनाए जाने का निर्णय लिया है। सर्व ब्राम्हण समाज के जिलाध्यक्ष पंडित राजेश पाठक ने कहा कि प्रतिवर्ष सर्व ब्राम्हण समाज अपने आराध्य देव भगवान परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया पर सामाजिक बंधुओं के साथ उत्साहपूर्वक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर मनाई जाती थी, परंतु इस भी वर्ष वैश्विक महामारी कोविड-19 से पूरा विश्व प्रभावित है। देश, प्रदेश में इस बीमारी का प्रभाव देखा जा रहा है। जिसके कारण इस बीमारी से बचाव के लिए शासन प्रशासन के निर्देश पर पूरी तरह से कोरोना कर्फ्यू घोषित किया गया है। जिसमें किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रतिबंधित है। जिसे देखते हुए सर्व ब्राम्हण समाज ने भी इस वर्ष भगवान परशुराम जयंती पर आयोजित सभी कार्यक्रम रद्ध कर दिए है और सामाजिक तौर से निर्णय लिया गया है कि सभी विप्रकुल बंधु अपने-अपने घरों में ही भगवान परशुराम की जयंती मनाते हुए विधिविधान से पूजा अर्चना करेंगे और संध्या में दीपक की रोशनी करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम जयंती पर सभी ब्राम्हण परिवार के सदस्य भगवा वस्त्र धारण कर अपने-अपने घरों में संध्या सात बजे भगवान परशुराम का विधि विधान से पूजा अर्चना कर हवन करें। घर के सामने या छत पर शंख और घंटा बजाय भगवान परशुराम का 11 बार घर के सामने जयघोष करें। घरों के सामने 11 दीपक जलाए और घरों की छत पर भगवा ध्वज फहराए। उन्होंने कहा कि परशुराम त्रेता युग के ब्राह्मण है। जिन्हें विष्णु का छठा अवतार भी कहा जाता है, भगवान परशुराम, गुरुजनों और माता पिता की आज्ञा का पालन करते थे। वे सदा बड़ों का सम्मान करते थे और कभी भी उनकी अवहेलना नहीं करते थे। उनका भाव इस जीव सृष्टि की इसके प्राकृतिक सौंदर्य सहित जीवन्त बनाये रखना था। वे चाहते थे कि यह सारी सृष्टि पशु पक्षियों वृक्षो फल-फूल और समूची प्रकृति के लिए जीवन्त रहे। हमें आज उनके जीवन सिद्धांतो से पे्ररणा लेकर वर्तमान समय में कोविड 19 से निपटने शासन-प्रशासन के बताये गये निर्देशो का पालन करना है। उन्होंने सभी विप्रकुल बंधुओ और जिलेवासियो को भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाये दी।

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