तेज आंधी से सैकड़ों मकानों की उड़ी छत, पेड़ और खंभे भी हुए जमीदोज

 तेज आंधी से सैकड़ों मकानों की उड़ी छत, पेड़ और खंभे भी हुए जमीदोज


चरेगांव। गुरुवार की शाम को अचानक शाम को बदले मौसम के मिजाज में आधे घंटे की आंधी तूफान आने से आधा दर्जन गांवों में एक सैकड़ा मकानों की छत उड़ा गई और विशालकाय पेड़ भी धाराशायी हो गए। इस दौरानहल्की बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे।

आंधी-तूफान से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों ने बताया कि गुरुवार को शाम पांच बजे आए आंधी तूफान से मकान की छत उडऩे के साथ कई सारे पेड़ व विद्युत पोल गिर गए। इससे कई गांवों में बिजली गुल होने से अंधेरे में रात बितानी पड़ेगी। आंधी तूफान से साल भर में एक बार आने वाली आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

आम पेड़ में लगे आम जमीन के नीचे गिर गए है। इन गिरे हुए आम कोई काम के नहीं है, क्योंकि अभी तक आम में गोई तक बनकर तैयार नहीं हो सकी है। जिससे इन आमों की खटाई भी बनाना मुश्किल है। आंधी तूफान से कई पक्षियों की भी मौतें हो गई। चरेगांव, शेरवी, लवेरी, नेवरगांव, चाचेरी, सूर्या सहित अन्य गांवों में भारी तबाही मची है। ग्रामीणों ने बताया कि एक तरफ कोरोना संक्रमण में जीना मुहाल हो गया है। वहीं दूसरी तरफ गुरुवार को आंधे घंटे की आंधी तूफान और ज्यादा मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने राजस्व विभाग से गांवों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। आम पेड़ में लगे आम जमीन के नीचे गिर गए है। इन गिरे हुए आम कोई काम के नहीं है, क्योंकि अभी तक आम में गोई तक बनकर तैयार नहीं हो सकी है। जिससे इन आमों की खटाई भी बनाना मुश्किल है। आंधी तूफान से कई पक्षियों की भी मौतें हो गई। चरेगांव, शेरवी, लवेरी, नेवरगांव, चाचेरी, सूर्या सहित अन्य गांवों में भारी तबाही मची है।

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