एक लाख मजदूर 2 माह से कर रहे मजदूरी मिलने का इंतजार
बालाघाट । कोरोन कॉल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रो के मजदूरो को कोरोना काल के दौरान किए गए कार्य की मजदूरी 2 माह बाद भी नहीं मिल पाई है। पेंमेंट नही मिलने के कारण मजदूरो मे काफी रोष व्याप्त हो गया है। अपनी मजदूरी पाने मजदूरो द्वारा जनपद पंचायतो के चक्कर काटे जा रहे है, वही अधिकारियो का कहना है कि जब तक उन्हें शासन से आवंटन प्राप्त नही होगा भुगतान नही हो पाएगा।
बालाघाट जनपद क्षेत्र के ही 12 हजार मजदूरो का नही हुआ भुगतान
मजदूरी अभी तक नही मिलने के पीछे कारण यह है कि 1 अपै्रल 2021 से शासन द्वारा एक प्रावधान किया गया है जिसके अनुसार एससी एसटी के लिए अगल एफपीओ और अन्य वर्ग के लिए अलग एफपीओ बनाया गया है इसके कारण आधे मजदूरो को मजदूरी अभी तक नहीं मिल पाई। बालाघाट जनपद क्षेत्र में ही 10 से 12 हजार मजदूरो को मजदूरी नही मिल पाई जिले की बात करे तो ऐसे मजदूरो की संख्या एक लाख से अधिक होने से इंकार नही किया जा सकता है।
लॉकडाउन में बड़ी संख्या ें लगे थे मनरेगा के काम में
लॉकडाउन लगने के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर मनरेगा के काम में लगे थे क्योंकि उनके कार्य बंद हो चुके थे जिसके कारण लोग अपने घरो में खाली बैठे है। कोरोना काल में पैसो की दिक्कत खड़ी ना हो इसलिए बड़ी संख्या में मजदरो ने मनरेगा में खुले कार्यो में काम किया। मजदूरी नही मिल पाने के कारण वह पैसा भी उन्हें कोरोना काल के समय काम नही आ पाया। पैसो की जरूरत पडऩे के कारण मजदूरो में शासन के प्रति आक्रोश व्याप्त होने लगा है।
शासन द्वारा किए प्रावधान के कारण आ रही मजदूरी भुृगतान में समस्या- रूपेश इवने
जनपद पंचायत बालाघाट के अतिरिकत् कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा रूपेश इवने ने बताया कि मनरेगा के कार्य में मजदूरी भुगतान तो हो रहा है लेकिन कुछ मजदूरो का पेमेंट हो रहा है और कुछ मजदूरो का नही हो रहा। कारण यह कि 1 अपै्रल 2021 से शासन ने एक प्रावधान किया है जिसमें एससी-एसटी का अलग एफपीओ एवं अन्य वर्ग का अलग एफपीओ होता है। इस कारण समस्या हो रही है मजदूरो ने एक ही मस्टर में काम किया है फिर ही आधे का भुगतान हो रहा है और आध्ेा का नही हो रहा है यह शासन स्तर की समस्या है। समस्या पिछले 2 माह से है। दो तीन माह से बालाघाट जनपद में 10 से 12 हजार मजदूरो ऐसे है जिनका भुगतान नही हो पाया है। शीघ्र भुगतान के प्रयास किये जायेंगे।