कोरोना की संभावित तीसरी लहर के पहले अस्पतालो की हालत जर्जर- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

 कोरोना की संभावित तीसरी लहर के पहले अस्पतालो की हालत जर्जर- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे




शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल बालाघाट में प्रथम श्रेणी डॉक्टर के 40 पद स्वीकृत हैं जिसमें 27 डॉक्टर के पद खाली है।

 प्रथम श्रेणी डॉक्टर की स्थिति निम्नानुसार है-

 1. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का   7 पद स्वीकृत है जिसमें सिर्फ एक डॉक्टर कार्यरत है 6 डॉक्टर के पद खाली है।

2. मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर का 5 पद स्वीकृत है जिसमें सिर्फ 1 डॉक्टर कार्यरत है 4 डॉक्टर के पद खाली है।

3. सर्जिकल विशेषज्ञ डॉक्टर का 4 पद स्वीकृत है 1 डॉक्टर कार्यरत है 3 डॉक्टर के पद खाली है।

4. नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का 2 पद स्वीकृत है। दोनों पद खाली है।

5. स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर का 4 पद स्वीकृत है जिसमें 1 डॉक्टर कार्यरत है 3 डॉक्टर के पद खाली है।

6. नाक,कान,गला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का 2 पद स्वीकृत है जिसमें 1भी डॉक्टर कार्यरत नहीं है 2 डॉक्टर के पद खाली है।

7. अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का 5 पद स्वीकृत है जिसमें 2 डॉक्टर कार्यरत है 3 डॉक्टर के पद खाली है।

8. दंत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का 1    पद स्वीकृत है डॉक्टर कार्यरत नहीं है पद खाली है।

9. टीबी विशेषज्ञ डॉक्टर का 1 पद स्वीकृत है जिसमें डॉक्टर कार्यरत नहीं है डॉक्टर का पद खाली है।

10. निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर का 5 पद स्वीकृत है जिसमें 2 डॉक्टर कार्यरत है 3 डॉक्टर के पद खाली है।

द्वितीय श्रेणी के स्वीकृत डॉक्टर के पद 30 है जिसमें 16 डॉक्टर कार्यरत है 14 डॉक्टर के पद खाली है। 

आयुष चिकित्सक डॉ. का 1 पद स्वीकृत है जिसमें डॉक्टर नहीं है पद खाली है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि तीसरी लहर के लिए सरकार ने पूरा इंतजाम एवं तैयारी कर लिया है जबकि बालाघाट जिले में कोई तैयारी नहीं है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर को रोकने के लिए शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल एवं जिले के किसी भी शासकीय अस्पतालों में कोई तैयारी नहीं है। शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के 7 पद स्वीकृत है 1 डॉक्टर है। 6 पद खाली है।

 बालाघाट जिले में 12 डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर होना चाहिए था। 

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के स्वीकृत पद के अनुसार-

बालाघाट में 7 डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ, लांजी में 2 डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ, बैहर में 1 डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ, वारासिवनी में 1 डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ, कंटगी में 1 डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ होना चाहिए था। लेकिन शहीद भगत सिंह शासकीय अस्पताल में 1डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ पदस्थ है।

कोरोना महामारी की तीसरी लहर सबसे ज्यादा खतरनाक एवं जानलेवा है इसके बावजूद भी बालाघाट जिले में कोई तैयारी इंतजाम नहीं किया है।

लांजी,बैहर ,बिरसा , सोनगुड्डा, गढ़ी,वारासिवनी,कटंगी,लालबर्रा, खैरलांजी,रामपायली,परसवाड़ा किरनापुर कहीं भी बच्चों के डॉक्टर नहीं है जिलेभर में सिर्फ बच्चों के एक ही डॉक्टर पदस्थ  है। आप सोच सकते हैं बच्चों को कोरोना महामारी से कैसे बचाया जाएगा।

शहीद भगतसिंह जिला शासकीय अस्पताल एवं जिले के सभी अस्पताल गंभीर रूप से बिमार है पहले अस्पतालों का इलाज किया जाए जब अस्पताल अच्छे हो जाए सुधर जाए तब मरिजो का इलाज किया जाए।

पहले जिले के सभी अस्पतालों के डॉक्टर के खाली पदों को भरा जाए एवं वेंटिलेटर, IC, ऑक्सीजन सिलेंडर,दवाई, मेडिकल स्टॉप की इन्तेज़ाम व्यवस्था तुरन्त की जाए।

अस्पतालों में भ्रष्टाचार,लुट और चोरी तत्काल बंद किया जाए एवं सम्बंधित भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारीयों आदि पर तुरंत शक्त कार्यवाही की जाए।

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