बड़ी साजिश के तहत समरिते को भेजा गया जेल- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे

 बड़ी साजिश के तहत समरिते को भेजा गया जेल- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे



बालाघाट। पूर्व सांसद कंकर मूुंजारे ने पे्रस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिले के लांजी विधानसभा के पूर्व विधायक किशोर समरिते ने कुछ दिन पूर्व ही राज्यमंत्री रामकिशोर कावरे एवं कलेक्टर दीपक आर्य,एसपी अभिषेक तिवारी और रेत माफिया शराब माफिया राजेश पाठक के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे जिसके कारण बौखला कर पूर्व विधायक किशोर समरिते को षडयंत्र पूर्वक योजना बनाकर बिल्कुल झूठे मामले में फंसाया गया है।

रेत माफिया शराब माफिया एवं जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन के द्वारा योजनाबद्ध तरीके से षडयंत्र पूर्वक झूठे मामले बनाकर फसाकर बिना जांच पड़ताल किये गिरफ्तार कर 12 तारीख को भोपाल से गिरफ्तार कर 13 तारीख को बालाघाट लाकर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल में बंद कर दिया गया कोर्ट में पेश करते समय दो धारा 452, 386 और जबरन लगा दी गई पहले एफ आई आर में सिर्फ एक धारा 389 लगाई गई थी। जिससे पूर्व विधायक किशोर समरिते की जमानत ना हो सके।

राजेश पाठक के द्वारा झूठी निराधार फर्जी लिखित शिकायत पूर्व विधायक किशोर समरिते के खिलाफ पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी को की गई थी जिसमें मनगढ़ंत बिल्कुल झूठे अप्रमाणित आरोप लगाए गए थे जिसके आधार पर किसी भी तरह से कोई अपराध नहीं बनता जबकि किसी प्रकार की कोई शिकायत व रिपोर्ट पहले पुलिस थाना में की जाना चाहिए परंतु राजेश पाठक के द्वारा एसपी से सांठगांठ कर एसपी कार्यालय में दी गई पूर्व विधायक किशोर समरिते पर 20000 राजेश पाठक से हर माह मांगने का झूठा आरोप लगाया गया था।

जिसका कोई प्रमाण नहीं है 10 जून को पूर्व विधायक किशोर समरिते के खिलाफ शिकायत एसपी कार्यालय में की थी।

11 जून को एसपी कार्यालय से भरवेली पुलिस थाना में 3:22 बजे शिकायत पहुंची बिना जांच पड़ताल के किशोर समरिते के खिलाफ तुरंत एफ आई आर दर्ज कर 389 धारा लगा दी गई थी और बालाघाट से शाम को ही पुलिस यहां से भोपाल निकल गई थी 12 तारीख को ही 9:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया जबकि विधायक एवं पूर्व विधायक के खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर गंभीरता पूर्वक 30 दिनों तक जांच पड़ताल करने के बाद ही एफ आई आर दर्ज करके कार्रवाई करना चाहिए था लेकिन राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे के संरक्षण में एसपी अभिषेक तिवारी एवं कलेक्टर दीपक आर्य एवं राजेश पाठक के द्वारा बदनियति से षड्यंत्र रच कर योजना बनाकर उसे बिना जांच के उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया पूर्व विधायक किशोर समरिते से शिकायत के संबंध में पूछताछ तक भी नहीं की गई जबकि किशोर समरिते 25 मई से 12 जून तक भोपाल में ही थे उनके खिलाफ फर्जी शिकायत 10 जून को की गई।

1 जून को कलेक्टर दीपक आर्य  शिकायतकर्ता रेत माफिया शराब माफिया राजेश पाठक को साथ लेकर 12:00 बजे दिन में ही एसपी कार्यालय में मिलने गये थे। संभवत वहीं पर किशोर समरिते के खिलाफ योजना बनाई गई एसपी ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में भी देखा जा सकता है।

13 जून लांजी से किशोर समरिते की मारुति जिप्सी को जप्त किया गया जबकि मारुति जिप्सी का शिकायत में कोई उल्लेख नहीं है। रेत माफिया शराब माफिया राजेश पाठक एवं संजय सिंह कछवाह की करोड़ों रुपए की संपत्ति की जांच होना चाहिए।

 राजेश पाठक 26 वर्ष पूर्व लाला घनश्याम दास का 700 महीने का भरवेली शराब दुकान एवं वारासिवनी शराब दुकान में नौकर था।

 उत्तर प्रदेश बांदा से फटे कुर्ते पायजामा पहनकर बालाघाट आया था।

आज उसका बालाघाट में 2-3 करोड रुपए रुपए का घर है करोड़ों रुपए की चल अचल संपत्ति है।

संजय सिंह कछवाह साकोली महाराष्ट्र का रहने वाला है 23 वर्ष पूर्व डाबर का लाल दंत मंजन एवं एवं चॉकलेट घूम घूम कर बेचता था और खाने का टिफिन घर घर पहुंचा कर देता था।

वारासिवनी के वार्ड नंबर आठ राम मंदिर के पीछे बंशी दास हेड़ाउ के मकान में 400 महीने के किराये से रहता था।

आज उसके वारासिवनी में चार मकान लगभग 10 करोड़ रुपए के एक फार्महाउस 5 एकड़ का कटंगी रोड पर नागपुर में 2 फ्लैट करोड़ों रुपए के है करोड़ों रुपए की चल अचल संपत्ति राजेश पाठक एवं संजय सिंह कछवाह के पास आय से अधिक संपत्ति है इसकी संपत्ति की लोकायुक्त अथवा ईडी से जांच कराई जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल में बंद किया गया।

  पूर्व विधायक किशोर समरिते के खिलाफ लगाए गए पूरे आरोप एवं गिरफ्तारी के संबंध में एसपी अभिषेक तिवारी एवं कलेक्टर दीपक आर्य को हटाकर उच्च स्तरीय जांच करा कर कलेक्टर एवं एसपी की संदिग्ध भूमिका एवं किशोर समरिते के गिरफ्तारी के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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