हितग्राहियो के भरोसे ईडब्ल्यूएस योजना
बालाघाट। शहर के नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत निवासरत आवासहीन तथा भूखंडविहीन व्यक्तियो के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किफायती दरो में पक्के मकान दिए जाने को लेकर बूढ़ी आईटीआई के पीछे बनाए जा रहे ईडब्लूएस मकानो का निर्माण कार्य करीब 3 साल बीत जाने के बाद भी पूरा नही हो पाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगरपालिका क्षेत्र में रहने वाले आवासहीन व्यक्तियो को दो लाख रूपए मे पक्के मकान दिए जाने थे जिसको लेकर करीब 3 साल पूर्व हितग्राहियो से बुकिंग राशि के तौर पर 20 हजार रूपए जमा करवाए गए थे और बाकी राशि उन्हे किस्तो में जमा की जाने थी इस योजना को लेकर शुरूआत में हितग्राहियो में काफी उत्साह नजर आया और लोगो ने बगैर इस योजना को परखे बुकिंग राशि जमा कर दी और इसके बाद नगरपालिका के द्वारा हर साल इस योजना को लेकर काफी बदलाव किए गए कभ्ीा बैंकाके के माध्यम से लोन के जरिए राशि जमा किए जाने के निर्देश दिए गए तो कभी पूरी राशि एक साथ जमा किए जाने की बात भी सामने आई जिस पर काफी हितग्राहियो ने जमा की गई बुकिंग राशि वापस ले ली। लेकिन अब नगरपालिका द्वारा यह बात स्पष्ट कर दी गइ है कि यदि हितग्राही राशि जमा करते है तभी यह प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है। इस प्रोजेक्ट के तहत गरीबो को पक्के मकान दिलाए जाने का नगरपालिका का वादा कब पूरा होगा यह समझ से परे है जबकि दूसरे राज्यो की बात करे तो प्रधानमंत्री आवास के तहत कुछ ही महीनो में आवाज बंद कर तैयार हो चुके है और हितग्राहियो को आवंटित किए जा चुके है लेकिन बालाघाट जिले के लिए गरीबो के पक्के मकान का सपना पूरा होता दिखाई नही दे रहा है।
ईडब्ल्यूएस योजना से हितग्राहियो का हो चुका मोहभंग
बूढ़ी आईटीआई के पीछे नपा द्वारा ईडब्ल्यूएस के पीछे नपा द्वारा ईडब्ल्यूएस मकानो का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें रहने की इच्छा जाहिर कर 525 लोगो ने 20 हजार रूपए का टोकन देकर ईडब्ल्यूएस मकानो की बुकि कराई थी जिसमें से अब तक 200 से अधिक हितग्राही अपनी बुकिंग कैसिंल करा चुके है। वही दूसरी ओर वर्तमान में नगरपालिका वैसे ही आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है और बजट ना होने के चलते गरीबो को आशियाना आवंटन को लेकर पूरी राशि जमा करे और उस राशि के माध्यम से वे इस प्रोजेक्टट को पूरा कर सके।
प्रोजेक्ट को पूरा करने हितग्राही आए सामने - मुख्य नगरपालिका अधिकारी
चर्चा के दौरान मुख्य नगरपालिकारी अधिकारी सतीश मटसेनिया ने कहा कि यह प्रोजेक्ट करोड़ो का है यदि हितग्राही सामने आते है तो यह प्रोजेक्ट 7 से 8 महीने का है उन्होंने कहा कि शासन के द्वारा स्लम और नॉन स्लम के सभी हिग्राहिया के लिए दो लाख की राशि निश्चित की है।