महिलाओं की पहरेदारी से कटने से बच रहा जंगल, जुर्माने के पैसे आ रहे जरूतमंदों के काम

 महिलाओं की पहरेदारी से कटने से बच रहा जंगल, जुर्माने के पैसे आ रहे जरूतमंदों के काम



बालाघाट।  बालाघाट में बिरसा तहसील की ग्राम पंचायत सायल के ग्राम परसाटोला में जंगल को कटने से बचाने के लिए वन सुरक्षा समिति की महिलाएं हमेशा पहरेदारी करते रहती हैं। जंगल से लकड़ी काटकर चोरी करने वालों से लकड़ी जब्त कर जुर्माना वसूला जा रहा है। जिससे साढ़े तीन साल में 20 लोगों से लकड़ी जब्त की गई है और 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लिया गया। इससे जंगल से हो रही लकड़ी चोरी पर विराम लगा हैं। इतना ही नहीं लकड़ी चोरी करने वालों से वसूली जा रही जुर्माने की राशि जरूरतमंदों यानी आवश्यकता प?ने पर दी जाती है ताकि लोगों का समय पर काम निकल जाए और उन्हें सहूलियत मिल सके।

वन सुरक्षा समिति परसाटोला के सदस्य नरेंद्र परते, राहुल मेरावी, रवि मरकाम, शैलेष धुर्वे बताते है वर्ष 2018 के पूर्व बंजर नदी किनारे का जंगल में तेजी से कटाई हो रही थी। जिसको देखते हुए वन विभाग द्वारा परसाटोला गांव में चौपाल बुलाकर महिलाओं व पुरूषों को वनों का महत्व समझाया। इसके बाद वन सुरक्षा समिति बनाई। साढ़े तीन साल के भीतर महिलाओं ने जंगल को बचाने का संकल्प लेकर हरे भरे पेड़ों को काटने वालों पर नजर बनाए रखना शुरू किया। जंगल से जैसे ही लकड़ी चोरी होने की जानकारी मिलती है पुरूषों से पहले ही महिलाएं आरोपितों को पक?ने पहुंच जाती है। ग्राम परसाटोला के आसपास लगे ग्राम चकरवाही, बड़ा बाकल, छोटा बाकल, पल्हेरा, शाखा, सुरवाही में भी जंगल है। यहां के लोग अपने गांव के जंगल को बचाने दूसरे गांव के जंगल की लकड़ी चोरी करते है।

पैसे देने पर नहीं लेते ब्याज: चुमन मेरावी, कुंवरिया बाई मरकाम, सुलोचना मरकाम, कुंजी बाई मरकाम ने बताया कि जुर्माना के पैसे किसी के बीमार व्यक्ति, दुर्घटना में घायल व्यक्ति या फिर अन्य काम के लिए जरूरत पडऩे पर बिना ब्याज पर दिए जाते है। अब तक छह लोगों को जरूरत पडऩे पर जुर्माने से वसूली की गई राशि दी है। इनमें से सभी लोगों ने समय पर वापस भी कर दिए है। चोरी करने वालों से जब्त की जाने वाली लक?ी गांव में किसी घर में सामाजिक कार्य होने या फिर गरीब लोगों को प्रदान की जाती है।

फोकस पॉइंट -

- वर्ष 2018 से लकड़ी चोरी करने वालों पर रखी जा रही सख्त नजर।

- एक बैलगाड़ी से 12 रुपये का जुर्माना।

- साढ़े तीन साल में 24 हजार रुपये वसूला जुर्माना।

- दूसरे गांव में लोग आते है लकड़ी चोरी करने।

- परसाटोला गांव में 260 मकानों में 890 की आबादी।

- बंजर नदी किनारे 400 एकड़ में है विस्तृत जंगल।

हमारे गांव के जंगल से दूसरे गांव वाले लकड़ी काटकर चोरी कर रहे थे। वन विभाग के सहयोग से वन सुरक्षा समिति बनाई गई है। तब से सभी गांव वाले लक?ी चोरी करने वालों पर नजर रखते है। अभी तक करीब 20 लोगों को लकड़ी चोरी करते हुए पकड़ा गया। जिनकी बैलगाड़ी जब्त किए। जब जुर्माना भरे तब वापस कर दिए। जुर्माने की राशि किसी को जरूरत पडऩे पर दी जाती है।

सकरो बाई मेरावी, उपाध्यक्ष वन सुरक्षा समिति परसाटोला।

जंगल बचाने के लिए गांव के लोगों को ऐसे ही सामने चाहिए। इससे जंगल बचा रहेगा और पर्यावरण संरक्षण होगा। परसाटोला में वन सुरक्षा समिति बना दी गई है अन्य गांव के लोगों को भी इससे सीख लेने की जरूरत है।

एनके सनोडिया, सीसीएफ बालाघाट।

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