अशासकीय शिक्षण संस्था संघ ने जिला प्रशासन को सौंपीं स्कूलों की चाबियां
बालाघाट। अशासकीय शिक्षण संस्था संघ जिला इकाई बालाघाट के बैनर तले जिले के सभी अशासकीय स्कूलों के संचालकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर तख्ती लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व एक निजी स्कूल में संचालकों ने बैठक कर सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं जाती है, तब तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे। दरअसल, माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश में निजी स्कूलों एवं संस्थाओं को खोलने के निर्देश नहीं दिए हैं। ऐसे में प्रदेश सहित जिले में अशासकीय शिक्षण संस्था संघ बालाघाट के बैनर तले जिले के समस्त अशासकीय संस्था के कर्मचारी एवं प्राचार्य शिक्षक सहित सोमवार को कलेक्टर कार्यालय एवं डीईओ कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन देकर स्कूल की चाबियां जिला प्रशासन को सौंप दी गई हैं।
निजी स्कूल संचालक निरंजन बिसेन ने बताया कि कोविड गाइडलाइन स्थानीय क्राइसिस मेनजमेंट कमेटी के सहयोग से कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्कूल खोलने की अनुमति प्रदान की जाए। कोरोना की वजह से स्कूल लगातार बंद है। ऐसे हालात में शिक्षा विभाग द्वारा हाईस्कूल, हायर सेकंडरी मान्यता नवीनीकरण के लिए परीक्षण कराया जा रहा है, जहां कि स्कूल बंद है। निरीक्षण का कार्य एवं अधिकारियों द्वारा स्कूल संचालकों को निरीक्षण के नाम पर परेशान करना उचित नहीं है। वर्ष 2020-21 व वर्ष 2021-22 की मान्यता का नवीनीकरण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। उसी प्रकार कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक की मान्यता का नवीनीकरण बिना किसी निरीक्षण परीक्षण के किया जाए। साथ ही मान्यता एवं संबंधता शुल्क माफ की जाए। अनिवार्य एवं निश्शुल्क शिक्षा अधिकारी अधिनियम के अंतर्गत अशासकीय स्कूलों में निश्शुल्क प्रवेशित छात्रों की वर्ष 2017-18 से लेकर वर्ष 2020-21 तक की शुल्क का भुगतान के लिए राज्य शिक्षा केंद्र के अनेक आदेश दिए गए है, लेकिन डीपीसी द्वारा भुगतान नहीं किया। संस्थाओं के आवेदन डीपीसी कार्यालय में जमा है। फीस प्रतिपूर्ति अविलंब भुगतान कराए।
स्कूल बंद रहने से हो रही परेशानियां : कोरोना महामारी की वजह से स्कूल लगातार बंद होने से आर्थिक समस्याओं से जूझना प? रहा है। शासकीय स्कूलों में बिना टीसी के प्रवेश दिया जा रहा है। वैसे ही निजी स्कूलों में भी बिना टीसी के प्रवेश देने का आदेश जारी करें सहित अन्य मांगें शामिल हैं। स्कूल संचालकों ने कहा है कि यदि पूरी मांगों का जल्द ही निराकरण नहीं किया जाता है तो मध्य प्रदेश के संपूर्ण निजी स्कूल संचालक अपने संकुल स्तर पर बने वाट्सएप ग्रुप से लेफ्ट होंगे। इतना ही नहीं विद्यालयों की चाबियां जिले में जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएंगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलेभर के निजी स्कूल संचालक मौजूद रहे।