कॉरीडोर के जंगलों में वन्य प्राणियों की सुरक्षा करने बनाया गया गश्ती दल


 कॉरीडोर के जंगलों में वन्य प्राणियों की सुरक्षा करने बनाया गया गश्ती दल


बालाघाट। वन विभाग ने कॉरीडोर के जंगलों में बढ़ती वन्य प्राणियों की संख्या और सुरक्षा को लेकर सजगता अपनाई हैं। तीन सर्किलों में गश्त टीम बनाई है। गठित टीम द्वारा अपने एरिया में लगातार गश्त की जा रही है। तीनों टीम में एक सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, वनरक्षक और सुरक्षा श्रमिकों सहित 33 सदस्यीय शामिल किए गए है। गश्त के दौरान जंगल किनारे खेतों में किसानों को भी वन्य प्राणियों का शिकार नहीं किए जाने की सलाह दे रहे है। जिससे की वन्य प्राणियों के शिकार पर लगाम लगाया जा सके। इतना ही नहीं वन्य प्राणियों के मूवमेंट पर निगरानी रखने के लिए सेंसर कैमरे लगाए जा रहे है।

वन परिक्षेत्र उत्तर लामता सामान्य 23 हजार 468.17 हेक्टेयर में विस्तृत रूप से फैला हुआ हैं। 23 बीटों के पूरे जंगल पेंच कॉरीडोर से जुड़ गए है और यहां के जंगलों की सीमा उत्तर सिवनी जिला, पश्चिम व मंडला जिला को स्पर्श करती हैं। जिससे बाघ 13, तेंदुए 18, बायसन 40, भालू 35, नीलगाय 70, चीतल 90 समेत अन्य वन्य प्राणी बहुतायत में आ गए है। जंगलों में वन्य प्राणियों का शिकार रोकने लामता, नगरवाड़ा और कुमनगांव तीनों सर्किल में एक-एक टीम बनाई गई है। इस टीम में एक सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, पांच वनरक्षक, पांच सुरक्षा श्रमिक शामिल है यानी तीनों टीम में 33 सदस्यीय हैं। जो सतत रूप से जंगलों की तरफ गश्त करते रहते है। यह सब इसीलिए किया जा रहा है क्योंकि 20 दिन पहले पूर्व बैहर सामान्य के खुरमुंडी में विद्युत करंट से दो तेंदुए की मौत हो गई थी। उसके बाद से कॉरीडोर में वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर गश्त करवाई जा रही है।

गांव के लोगों को जंगल में नहीं जाने की सलाह: वन विभाग की टीम गश्त के दौरान किसानों को अपने खेतों की पार पर लगाई हुई फेंसिंग तार में करंट नहीं फैलाए जाने की सलाह दे रहे है। साथ ही जहां वन्य प्राणियों का अधिक मूवमेंट होता है वहां लगातार एक सप्ताह तक चार सेंसर कैमरे लगवाएं जा रहे है। इसमें बालाघाट की चार सदस्यीय टीम को सेंसर कैमरे लगाने और निकालने के काम में लगी है। इन सेंसर कैमरों की मदद से यदि कोई अपराधी जंगल में प्रवेश करता है या फिर वन्यप्राणी पालतू मवेशी का शिकार करता है तो कैद हो जाएंगे। गांव के लोगों को जंगल में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।

इनका कहना

पूर्व बैहर सामान्य के खुरमुंडी में दो तेंदुए की करंट लगाकर शिकारियों ने शिकार किया था। उसके बाद से हमने तीनों सर्किल में तीन गश्त टीम बनाई है। जो निरंतर गश्त ही करने का काम करती है। इससे यदि कोई अपराधी जंगल में प्रवेश करता है तो तत्काल पकडऩे में कामयाबी मिल सकेगी।

नरेश कुमार काकोडिय़ा, वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्तर सामान्य लामता।

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