प्रशासनिक दखल के बाद भी डाइट संस्थान की नहीं बदली तस्वीर
बालाघाट। बरसों से खस्ताहाल डाइट प्रशिक्षण की व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने को लेकर कलेक्टर दीपक आर्य के निर्देशो के तहत संस्थान प्रबंधन को लाखों की राशि जारी की गई है लेकिन इस राशि का बेहतर तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है और आज भी डाइट संस्थान के कक्षो की हालत जर्जर बनी हुई है वही जो भी कार्य कराया जा रहा है है वह पूरी तरह से गुणवत्ता विहीन नजर आ रहा है लेकिन इस और डाइट प्रबंधन के द्वारा ध्यान दिया जा रहा है और ना ही प्रशासनिक तौर पर इन निर्माण कार्यो की सुध ली गई है। जब डाइट संस्थान का जायजा लिया गया तो कक्षो की हालत काफी बिगड़ी हुई नजर आई।
महज कुछ ही दिनों में कबाड़ हो गए कक्ष
प्रशासनिक निर्देशो के तहत डाइट प्रशिक्षण संस्थान में जहां एक और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्थाओं को लेकर आबंटन जारी किया गया था वहीं दूसरी ओर कक्षो की मरम्मत कार्य के लिए भी राशि जारी की गई थी जिन कक्षाओ प्रशिक्षणार्थियों के लिए बैठक व्यवस्था की जाती थी वह पूरी तरह से कबाड़ में निर्मित हो गई है कक्षाओं को बेहतर बनाए जाने को लेकर छत में सेट बनाए गए थे लेकिन यह कुछ ही दिनो में धराशाई हो गए हैं जिसके पुनर्निर्माण को लेकर किसी भी प्रकार की व्यवस्था ना करते हुए उसे भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है क्योंकि डाइट प्रबंधन भी जानता है कि वर्तमान मं सभी शैक्षणिक संस्थान बंद है तो संस्थान की व्यवस्थाओं को लेकर कौन रखेगा इसलिए संस्थान में पूरी तरह से मरम्मत कार्य को हाशिए पर रख दिया गया है।
व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के किये जा रहे प्रयास-प्राचार्य
इस संदर्भ में डाइट संस्थान के प्राचार्य पीआर मेश्राम से की गई ततो उन्होंने बताया कि प्रशासनिक तौर पर जो भी राशि जारी की गई थी उस राशि के माध्यम से डाइट संस्थान की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मंच सीमेंट कंक्रीट सहित अन्य व्यवस्थाओं को जुटाया गया है। इसके अलावा जो भी कमियां है उन्हें पूरा किया जाना और लेकिन सभी व्यवस्थाओं को लेकर और राशि की आवश्यकता पड़ती है।