नकली खाद, बीज, दवा बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे:मंत्री पटेल

 नकली खाद, बीज, दवा बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे:मंत्री पटेल



बालाघाट। मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने छह जुलाई को बालाघाट प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि एवं उससे संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में कृषि विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियांवयन की समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में मध्यप्रदेश शासन के आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक गौरीशंकर बिसेन, कलेक्टर दीपक आर्य, सहायक कलेक्टर दलीप कुमार, उप संचालक कृषि सीआर गौर, सिंचाई विभाग के अधीक्षण यंत्री युवराज वारके, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ पीके अतुलकर, उप संचालक मत्स्योद्योग शशिप्रभा धुर्वे, सहायक संचालक उद्यान सीबी देशमुख, जिला विपणन अधिकारी देवेन्द्र यादव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ये कहा-

- किसानों को अच्छी गुणवत्ता का खाद बीज देने निर्देश।

- खाद-बीज और दवाएं उपलब्ध कराना कृषि विभाग की जिम्मेदारी।

- नकली खाद-बीज और दवाओं के व्यापार हो सख्ती।

- किसान से धोखाधड़ी पर हो कानूनी कार्रवाई।

- नकली-खाद बीज का पता लगाने हो सैंपलिंग।

- नकली खाद-बीज बेचने वाले दुकानदारों का लायसेंस होगा निरस्त।

किसानों के फसल बीमा का प्रीमियम देगी सरकार: कृषि मंत्री पटेल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की आय बढ़ाने एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लएि किसानों के अधिक से अधिक कृषि उत्पादक समूह (एफपीओ) बनाए। जिससे किसान अपने उत्पाद का मूल्य स्वयं निर्धारित कर अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे। मंत्री पटेल ने अधिक से अधिक किसानों का फसल बीमा कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग लघु एवं सीमांत किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लएि कार्ययोजना तैयार कर रहा है, इसमें लघु एवं सीमांत किसानों के फसल बीमा प्रीमियम की राशि प्रदेश सरकार जमा करेगी।

मंडियों की आय बढ़ाने पर दिया जोर: जिले के ऐसे लघु एवं सीमांत किसानों की वास्तविक संख्या की जानकारी शीघ्र एकत्र कर ली जाए। मंत्री श्री पटेल ने जिले की 11 कृषि उपज मंडियों की आय ब?ाने एवं जिला विपणन अधिकारी से मंडी शुल्क की बकाया राशि शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश दिए।

किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध कराने दिए निर्देश: कृषि मंत्री पटेल ने बैठक में बताया कि बालाघाट जिले के लएि उर्वरक की कमी नहीं होने दी जाएगी। बालाघाट जिले के लएि डीएपी की एक रैक एवं यूरिया की 03 रैक शीघ्र आ रही है। इस उर्वरक का किसानों को समुचित वितरण कराया जाये। किसानों को उर्वरक सुगमता से मिलना चाहिए।

कृषि का रकबा तीन लाख 26 हजार हैक्टेयर: बैठक में बताया गया कि बालाघाट जिले में तीन लाख 26 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में किसानों द्वारा खेती की जाती है। इसमें से दो लाख 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मुख्य रूप से धान की खेती की जाती है। जिले में दो लाख 75 हजार किसान खेती का कार्य करते है।

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